अब सरकार भी महाराज से नाराज़

अब सरकार भी महाराज से नाराज़

ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होते ही सरकार की नाराज़गी खुलकर ज़ाहिर हो गई है। भोपाल में बुधवार रात बीजेपी ने उनके समर्थन में पोस्टर बैनर लगाए थे, गुरूवार सुबह ही नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया।

इससे पहले बुधवार को पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कार्यालय) से सिंधिया का केबिन हटा दिया गया। उनके स्टाफ को भी केबिन दिया गया था लेकिन सिंधिया के बीजेपी में शामिल होते ही दोनों केबिन को पीसीसी से उखाड़ फेंक दिया गया। सिंधिया से नाराजगी का आलम ये था कि उनकी नेम प्लेट को भी निकालकर फेंक दिया गया।

उधर ग्वालियर में भी बुधवार को आनन फानन में कलेक्टर बदल दिये गए हैं और विदिशा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम को ग्वालियर कलेक्टर बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक वो जल्दी ही कोई बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके सबसे करीबी एक पूर्व आईएएस के यहाँ छापे की कार्रवाई की चर्चा से भी बाजार गर्म रहा। सूत्रों की माने तो सिंधिया से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसा जा सकता है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews