विभागों से मांगा संपत्ति का ब्यौरा, दस मार्च तक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश

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भोपाल। सरकारी विभागों की ऐसी संपत्तियां जो अब उपयोग में नहीं आ रही या किन्हीं और कारणों से विभाग के लिये लाभप्रद नहीं है, उन्हें नामज़द किया जाएगा। प्रदेश सरकार ऐसी संपत्तियों की नीलामी की तैयारी में है और नीलाम न करने की स्थिति में उन्हें उन विभागों को दे दिया जाएगा जहां उसकी आवश्यकता है।

अलग अलग सरकार विभागों के पास ऐसी कई संपत्ति है जो अब या तो अतिक्रमण अंतर्गत आ चुकी है या बिना आवश्यकता के उनका रखरखाव ही महंगा पड़ रहा है। अब ऐसी संपत्तियों को लेकर मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती कार्रवाई करने का मन बना लिया है और विभागों के निर्देश दिये हैं कि दस मार्च तक उनको लेकर अपनी कार्ययोजना उपलब्ध कराए। दरअसल मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभी विभागों को परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए कहा था, और ये कार्रवाई सीएम के इसी निर्दश के तहत की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न विभागों के पास कई तरह की संपत्तियां है, लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस के पास कई एकड़ जमीन खाली पड़ी है। सीएम कई बार बैठकों में विभागों को कह चुके हैं कि उन्हें ऐसी संपत्तियों को छोड़ना होगा क्योंकि ये राज्य की संपत्ति है और अनुपयोगी होने या जर्जर होने से बेहतर है कि वो किसी और तरह से काम में आए। वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था विषय कार्यशाला में भी मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करने को कहा था। इसी को लेकर अब मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिये है कि दस मार्च तक वे अपनी स्थिति साफ करे और कार्ययोजना प्रस्तुत करें।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

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