आईएएस चला रही भिक्षा माफिया के खिलाफ अभियान

आईएएस चला रही भिक्षा माफिया के खिलाफ अभियान

भोपाल।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दिनों माफिया के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी क्षेत्र में काम करने वाले माफियाओं को नेस्तनाबूद कर दें  ।प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यवाही अभी तेजी पर है लेकिन इन सबसे हटकर भोपाल की संभाग आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव भिक्षा माफिया के खिलाफ  अभियान छेड़े हुए हैं ।दरअसल ऐसे कई माफिया है  जो छोटे-छोटे बच्चों से भीख मंगाने वाले संगठित गिरोह के रूप मे काम कर रहे है।लगभग साल भर पहले कमिश्नर के निर्देश पर ही एक गिरोह पकड़ा गया था जिससे कई बच्चो को मुक्त कराया गया था और अब कमिश्नर एक के बाद एक करके भिक्षावृत्ति करने वाले परिवारों से संपर्क कर उनके विकास और उनके परिवार के उत्थान की दिशा में तेजी से काम कर रही है ।खुशहाल नौनिहाल के नाम से चल रहे इस अभियान के तहत शुक्रवार को गान्नधीगर में आठ सौ परिवारो के हजार से ज्यादा लोगों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया। कमिश्नर ने इस अवसर पर विभिन्न विभागों  महिला एवं बाल विकास, पंजीयन, श्रम, नगर निगम, राजस्व  विभाग के माध्यम से आधार कैंप लगाकर ऐसे परिजनों को इन लोगों के समग्र आईडी बनाकर  सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश भी दिए गए ।कमिश्नर की यह मुहिम भिक्षावृत्ति का उन्मूलन करने में तो सफल होगी ही साथ ही साथ सरकार के विभिन्न योजनाओं का लाभ भी गरीब जनता तक पहुंच सकेगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews