रेलवे बोर्ड के अनुसार आरक्षित श्रेणी में यात्रा करते समय यात्रियों के समूह में से कम से कम एक यात्री को निर्धारित पहचान पत्र मूल रूप में प्रस्तुत करना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो संबंधित सभी यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरक्षण सुविधा अमान्य मानी जाएगी
इसके अतिरिक्त, जिन यात्रियों ने किसी विशेष श्रेणी के लिए आरक्षित कोटे के अंतर्गत टिकट बुक कराया है अथवा किसी प्रकार की रियायत का लाभ लिया है, उन्हें अपनी पात्रता एवं दावे की पुष्टि हेतु वैध प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रमाण प्रस्तुत न करने की स्थिति में रियायत अथवा आरक्षण सुविधा अमान्य मानी जाएगी।
मानने पड़ेगे नियम
रेलवे बोर्ड ने इन निर्देशों के सख्त अनुपालन पर विशेष जोर देते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में संचालित रेल सेवाओं जैसे भारत–नेपाल, भारत–बांग्लादेश आदि मार्गों पर पहचान सत्यापन को और अधिक सतर्कता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
करें नियमों का पालन, बचें असुविधा से
रेलवे प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचा जा सके।





