एमपी अजब है एमपी गजब है..मध्यप्रदेश टूरिज्म का ये मशहूर जिंगल कई बार अक्षरश: सच साबित होता दिखाई देता है। इन दिनों राजधानी भोपाल में ऐसा ही एक टावर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस हाईटेंशन बिजली के टावर के नीचे से सार्वजनिक सड़क निकाल दी गई है और यहां रोज़ भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
इसे लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भाजपा सरकार को जनता की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने खुद इस टावर के पास जाकर इसका जायजा लिया और आरोप लगाया कि जनता इस तरह के खतरों के बीच से गुजरने को मजबूर है और सरकार पूरी तरह से सोई हुई है।
भोपाल में खतरों का टावर
भोपाल में लोग तंज कसते हुए इसे ‘एफिल टावर’ या ‘खतरों का टावर’ कह रहे हैं। ये टावर सालों से राजधानी के करोंद इलाके की विनायक कॉलोनी में बना हुआ है। लेकिन अब इस हाईटेंशन विद्युत ट्रांसमिशन टावर के ठीक नीचे से सार्वजनिक सड़क निकाल दी गई है। इस सड़क से रोजाना पैदल यात्री, दोपहिया और चार पहिया वाहन गुजरते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह टावर कई वर्षों से यहां मौजूद है और बाद में सड़क का निर्माण किया गया। बरसात के मौसम में बिजली गिरने, तारों से चिंगारी या तकनीकी खराबी की आशंका के चलते इस सड़क पर खतरा और बढ़ जाता है। हाईटेंशन लाइन के नीचे इस तरह की सड़क किसी भी दृष्टि से सुरक्षित नहीं है।
कांग्रेस ने उठाया सुरक्षा का मुद्दा
इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि भोपाल में पहले 90 डिग्री ऐशबाग ब्रिज और ठिगने मेट्रो स्टेशन जैसे मामले सामने आए और अब यह ‘खतरों का टावर’ राजधानी को शर्मसार कर रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन को जनता की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। इसी के साथ उन्होंने मांग की है कि टावर को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए या इस सड़क को बदला जाए।





