मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जाट ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में ‘मास्टर प्लान’ नहीं बल्कि ‘माफिया प्लान’ लागू किया जा रहा है। उन्होंने विदिशा जिले में भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाते हुए सरकारी जमीनों पर कथित कब्जों को लेकर सरकार को घेरा है।
उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि “विदिशा में एक शहर, दो कानून की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखकर आम जनता का खून खौलता है।” कांग्रेस नेता ने इस मामले में कारगर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कांग्रेस ने लगाया नहर की ज़मीन पर अवैध निर्माण का आरोप
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में आनंद जाट ने आरोप लगाया कि विदिशा उद्वहन सिंचाई परियोजना की नहर की जमीन पर अवैध निर्माण किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में बंद हो चुकी इस परियोजना की जमीन..जिसे जल संसाधन विभाग ने किसानों को मुआवजा देकर अधिग्रहित किया था, अब भू-माफियाओं के कब्जे में है। उन्होंने दावा किया कि नहरों को समतल कर वहां आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक परिसरों और पेट्रोल पंप तक बना दिए गए हैं।
प्रशासन पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है और सिर्फ पत्राचार तक सीमित है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इन जमीनों को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद यह कार्रवाई ठप हो गई। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आंदोलन की चेतावनी
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए आनंद जाट ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद प्रदेश में माफिया तंत्र को बढ़ावा मिला। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान घोषित ‘सुराज कॉलोनी’ योजना जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो सकी। कांग्रेस ने मांग की है कि विदिशा में जल संसाधन विभाग की जमीनों पर हुए अवैध निर्माणों को हटाया जाए और दोषी अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।






