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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33वीं मौत! उमंग सिंघार ने की सरकार से पीड़ितों के लिए न्याय और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
देश में सबसे स्वच्छ शहर होने खिताब पाने वाला इंदौर आज दूषित पेयजल से हो रही मौतों के कारण सवालों के घेरे में है। जिस शहर को स्वच्छता का सिरमौर कहा जाता रहा, वहीं भागीरथपुरा इलाके में पानी पीकर आम लोगों की जान जाने का दुखद सिलसिला इतने दिन बाद भी जारी है। कांग्रेस इस मामले में लगातार सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रही है।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33वीं मौत! उमंग सिंघार ने की सरकार से पीड़ितों के लिए न्याय और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग

Umang Singhar

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से होने वाली स्वास्थ्य संकट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को सत्तर वर्षीय बुज़ुर्ग अलगूराम यादव की मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या 33 तक पहुंचने की बात कही जा रही है। इसे लेकर एक बार फिर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से सवाल किए हैं।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दुख जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भयानक त्रासदी है। उन्होंने कहा कि यह समय सिर्फ औपचारिक बयानबाज़ी का नहीं बल्कि जवाबदेही, पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख़्त कार्रवाई करने  का है। इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार को न्याय, समुचित मुआवज़ा और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।

इंदौर में दूषित पानी से एक और मौत

देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पेयजल संकट अब भी थमा नहीं है। शुक्रवार 70 वर्षीय अलगूराम यादव इलाज के दौरान मौत हो गई। स्थानीय निवासियों और कांग्रेस नेताओं के अनुसार इसके बाद मरने वालों की कुल संख्या 33 पर पहुंच गई है। अलगूराम यादव को 9 जनवरी को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया गया था। वे करीब एक महीने से बीमार थे।  परिवार के अनुसार उनकी पत्नी की भी कुछ समय पहले दूषित पानी से हुई उल्टी-दस्त की बीमारी के कारण मौत हो चुकी है।

उमंग सिंघार ने सरकार से की पीड़ितों के लिए न्याय की मांग

उमंग सिंघार ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और शासन प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है लेकिन सरकार अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भयानक त्रासदी है। उमंग सिंघार ने कहा कि इस समय सिर्फ बयानबाजी करके पीड़ितों को कोई राहत नहीं पहुंचाई जा रही है। उन्होंने मामले की जवाबदेही तय करने, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को न्याय, समुचित मुआवजा और सुरक्षित पेयजल की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है।