मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के विवादित बयान पर कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस नेता शैलेन्द्र पटेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अब “बेइज्जत जनता पार्टी” बन गई है और जनता की बेइज्जती कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी ने जनता को गुलाम समझ लिया है और क्या योजना की राशि देकर उन्हें पार्टी का कार्यकर्ता बनाना चाहती है।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि इससे बीजेपी की महिला-विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के तथाकथित सुशासन की असल तस्वीर उसके मंत्री स्वयं अपने बयानों से सामने ला रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने करण वर्मा को प्रदेश की सभी बहनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की।
करण सिंह वर्मा ने लाड़ली बहनों को दी चेतावनी
ये विवाद सीहोर जिले के धामंदा गांव में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान हुआ। मंत्री करण सिंह वर्मा ने मंच से लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं को चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि अगर वो कार्यक्रमों में नहीं आएंगी तो उनके नाम काट दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव में 894 लाड़ली बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति बहुत कम है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा सभी बहनों को एक दिन बुलाया जाएगा। यदि वे कार्यक्रम में नहीं आईं, तो उनके नाम काट दिए जाएंगे।
कांग्रेस ने साधा निशाना
इस बयान को लेकर अब विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। कांग्रेस नेता शैलेन्द्र पटेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अब “बेइज्जत जनता पार्टी” बन गई है। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जनता की बेइज्जती कर रही है। उन्होंने कहा कि “विजय शाह के बाद अब करण सिंह वर्मा भी उसी लाइन पर आ गए हैं। क्या आपने जनता को गुलाम बना लिया है? क्या राशि देकर उन्हें अपना कार्यकर्ता बनाना चाहते हैं या कार्यक्रमों में आने की मशीनरी बनाना चाहते हैं ये स्पष्ट करें।”
शैलेंद्र पटेल ने कहा कि कई योजनाओं में आजादी के बाद से हितग्राहियों को राशि मिल रही है लेकिन उनको मजबूर नहीं किया जाता है कि वो कार्यक्रम में आएं। ये बीजेपी के मंत्री की हठधर्मिता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ आप कहते हैं कि जनता जनार्दन होती है दूसरी तरफ कह रहे हैं कि आप नहीं आएंगे तो आपके नाम कटा देंगे। बीजेपी को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या उनके मंत्री इस तरह अपनी दादागिरी चलाएंगे।





