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अमरावती मेयर चुनाव: AIMIM ने दिया बीजेपी को समर्थन, श्रीचंद तेजवानी बने महापौर

Written by:Ankita Chourdia
Published:
महाराष्ट्र के अमरावती महानगरपालिका मेयर चुनाव में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर में, AIMIM की पार्षद मीरा कांबले ने बीजेपी उम्मीदवार श्रीचंद तेजवानी के पक्ष में मतदान कर उन्हें मेयर बनवा दिया। इस अप्रत्याशित समर्थन के बाद AIMIM ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए कांबले को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
अमरावती मेयर चुनाव: AIMIM ने दिया बीजेपी को समर्थन, श्रीचंद तेजवानी बने महापौर

अमरावती: महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कट्टर विरोधी मानी जाने वाली AIMIM की एक पार्षद ने मेयर चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन कर दिया। इस क्रॉस-वोटिंग के चलते बीजेपी के श्रीचंद तेजवानी अमरावती के नए मेयर निर्वाचित हो गए हैं।

यह पूरा मामला अमरावती महानगरपालिका के मेयर और उपमहापौर चुनाव का है। चुनाव के दौरान, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की कॉर्पोरेटर मीरा कांबले ने अंतिम समय में बीजेपी के पक्ष में वोट डाला, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए। इस एक वोट ने बीजेपी की जीत का रास्ता साफ कर दिया।

AIMIM ने लिया तत्काल एक्शन

पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर बीजेपी को समर्थन देने के इस फैसले पर AIMIM ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और विचारधारा के साथ धोखा करार देते हुए मीरा कांबले को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह फैसला अस्वीकार्य है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी थी।

अमरावती में अब ‘महायुति’ की सत्ता

इस जीत के साथ ही अमरावती महानगरपालिका में अब महायुति की सत्ता स्थापित हो गई है। इस गठबंधन में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) और युवा स्वाभिमान पार्टी (YSP) शामिल हैं। उपमहापौर पद पर YSP के सचिन भेंडे को चुना गया है।

सत्ता-साझेदारी के लिए एक फार्मूला भी तय किया गया है, जिसके अनुसार:

  • श्रीचंद तेजवानी (BJP): पहले 1.5 वर्ष के लिए मेयर रहेंगे।
  • आशीष अतकरे (BJP): अगले 1.5 वर्ष के लिए मेयर पद संभालेंगे।
  • सचिन भेंडे (YSP): पूरे कार्यकाल के लिए उपमहापौर होंगे।

जीत के बाद भी BJP में अंतर्कलह

एक तरफ जहां बीजेपी को अप्रत्याशित जीत मिली है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर ही कलह शुरू हो गई है। खबर है कि बीजेपी के लगभग 22 उम्मीदवारों (जिनमें से 20 हार गए) ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने सांसद नवनीत राणा को पार्टी से निकालने की मांग की है। उम्मीदवारों का आरोप है कि राणा ने चुनाव के दौरान पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार किया, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में एक दुर्लभ उदाहरण है, जहां दो विपरीत विचारधारा वाली पार्टियों के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से एक साथ आ गए।