महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख नेता संजय राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वे अपनी पार्टी की तुलना में भाजपा के अधिक करीबी हैं। राउत ने पटेल को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें केवल वही करना चाहिए जो महाराष्ट्र और मराठी मानुष को स्वीकार्य हो।
राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद NCP में नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रफुल्ल पटेल ने मंगलवार 03 फरवरी को स्पष्ट किया था कि वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल नहीं हैं।
प्रफुल्ल पटेल पर लगे गंभीर आरोप
संजय राउत ने अपने बयान में कहा कि प्रफुल्ल पटेल को वही करना चाहिए जो सिर्फ महाराष्ट्र और मराठी मानुष को मंजूर हो। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पटेल अपनी पार्टी के नेता होने से ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भक्त हैं। राउत ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार की है, प्रफुल्ल पटेल की नहीं।
शिवसेना UBT के इस वरिष्ठ नेता ने यह भी दावा किया कि NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे भी बीजेपी की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। यह आरोप महाराष्ट्र की गठबंधन राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकते हैं।
अजित पवार के निधन के बाद पार्टी में उठापटक
विपक्षी दल प्रफुल्ल पटेल को निशाना बना रहे हैं और उन पर आरोप लगा रहे हैं कि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद वे एनसीपी का नेतृत्व संभालने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। हालांकि, पटेल ने इस संबंध में साफ कर दिया था कि वे अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं हैं।
प्रफुल्ल पटेल ने इस बात पर अफसोस भी जताया था कि पिछले हफ्ते एक दुखद विमान दुर्घटना में अजित पवार की मौत के बाद पार्टी की ओर से लिए गए फैसलों के बारे में वे लोग बात कर रहे हैं जिनका एनसीपी से कोई संबंध नहीं है।
शिवसेना और NCP में विभाजन की जिम्मेदारी BJP पर
संजय राउत ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और बाल ठाकरे की शिवसेना में विभाजन के लिए भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है। राउत का यह बयान महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा करता है जब दोनों पार्टियों में विभाजन हुआ था।
चंद्रपुर मेयर चुनाव पर राउत का रुख
संजय राउत ने चंद्रपुर में मेयर चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। चंद्रपुर नगर निगम में न तो बीजेपी और न ही कांग्रेस को बहुमत मिला है और दोनों ही दल छोटी पार्टियों पर निर्भर हैं। 66 सीटों वाली चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस ने 27 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी को 23 सीटें मिलीं। शिवसेना UBT को 6 सीटें हासिल हुईं।
राउत ने बताया कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चंद्रपुर के शिवसेना UBT पार्षदों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे बीजेपी के साथ किसी भी प्रकार का गठबंधन न करें। बीएसपी और शिवसेना ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है। यह चुनाव परिणाम महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।





