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शरद पवार बारामती में सुनेत्रा पवार के घर क्यों पहुंचे, अजित के बेटों पार्थ और जय से बंद कमरे में क्या हुई बात

Written by:Banshika Sharma
Published:
एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार बुधवार को बारामती में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के आवास पर पहुंचे। उन्होंने अपने दिवंगत भतीजे अजित पवार को श्रद्धांजलि दी और बाद में अजित के बेटों पार्थ और जय पवार के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बैठक की, जिससे एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की अटकलें तेज हो गई हैं।
शरद पवार बारामती में सुनेत्रा पवार के घर क्यों पहुंचे, अजित के बेटों पार्थ और जय से बंद कमरे में क्या हुई बात

महाराष्ट्र की राजनीति में पवार परिवार के भीतर चल रही हलचलों के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार पुणे जिले के बारामती स्थित उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के घर पहुंचे। यहां उन्होंने कुछ दिन पहले विमान दुर्घटना में दिवंगत हुए अपने भतीजे और एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

शरद पवार मंगलवार देर रात ही बारामती पहुंच गए थे। उन्होंने शहर की सहयोग सोसाइटी का भी दौरा किया, जहां अजित पवार के आकस्मिक निधन पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया था। सुनेत्रा पवार के आवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पवार परिवार के कई सदस्य मौजूद थे, जिनमें अजित पवार के बेटे पार्थ पवार और जय पवार के साथ-साथ विधायक रोहित पवार भी शामिल थे।

पार्थ और जय के साथ डेढ़ घंटे की गुप्त बैठक

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम से पहले, दिन में शरद पवार ने बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में अजित पवार के दोनों बेटों—पार्थ और जय पवार—के साथ एक बंद कमरे में बैठक की। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। हालांकि, इस मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इस पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

क्या विलय की अटकलों पर लगी मुहर?

सूत्रों का मानना है कि इस अहम बैठक के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय और आगामी जिला परिषद चुनावों की रणनीति हो सकती है। गौरतलब है कि 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया था, जिसके ठीक तीन दिन बाद 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

अजित पवार के निधन के बाद से ही शरद पवार और उनकी पार्टी के नेता यह दावा करते रहे हैं कि दोनों गुटों के विलय को लेकर बातचीत अंतिम चरण में थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि दिवंगत अजित पवार ने विलय की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख भी तय कर दी थी। हालांकि, राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐसे किसी भी दावे का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि अगर विलय पर कोई बातचीत चल रही होती, तो अजित पवार ने उन्हें निश्चित रूप से सूचित किया होता। इस पृष्ठभूमि में शरद पवार की पार्थ और जय के साथ हुई यह लंबी बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।