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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत अमेरिका ट्रेड डील पर दिया बयान, कहा – ‘सरकार का फोकस सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर नहीं ….

Written by:Banshika Sharma
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जो अन्य देशों की तुलना में कम है। किसान और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत अमेरिका ट्रेड डील पर दिया बयान, कहा – ‘सरकार का फोकस सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर नहीं ….

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और कृषि क्षेत्र को लेकर उठ रहे सवालों पर अपनी बात रखी है। मीडिया चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 का बजट ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में पहला ठोस कदम है।

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ट्रेड डील से जुड़ी पूरी तस्वीर आधिकारिक समझौता सामने आने के बाद ही साफ होगी। उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से किए गए दावों पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और इस बात को संसद में भी रखा जा चुका है।

टैरिफ में बड़ी कटौती

निर्मला सीतारमण ने यह भी जानकारी दी कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। यह दर बांग्लादेश, कंबोडिया और अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। इसे भारत के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए उन्होंने कहा कि फिर भी अंतिम निष्कर्ष तभी निकाला जा सकता है जब समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर हो जाएंगे।

किसान हितों की पूरी सुरक्षा

कृषि क्षेत्र को खोले जाने की चर्चाओं पर वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि किसान और डेयरी क्षेत्र के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर भी है।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि अगर ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की गुणवत्ता बेहतरीन होगी तो लोग उन्हें गर्व के साथ अपनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी की कोशिश है कि भारत में बनने वाली हर चीज वैश्विक स्तर की गुणवत्ता वाली हो। यही सोच ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती देगी और भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

रूस से तेल खरीद का मुद्दा

जब वित्त मंत्री से यह सवाल किया गया कि अगर भारत रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा तो क्या देश को महंगा तेल खरीदना पड़ेगा, तो उन्होंने जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में जो भी फैसला लेंगे, वह देश के लिए बेहतर ही होगा। उन्होंने इस मुद्दे पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार हर कदम राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर उठाती है।

बजट पर रेटिंग का सवाल

बजट को लेकर रेटिंग दिए जाने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह कोई ऐसा बजट नहीं है जिसे नंबरों में आंका जाए। उन्होंने कहा कि यह बजट जनता की आवाज और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, इसलिए इसके ऊपर रेटिंग देना उचित नहीं है।

वित्त मंत्री ने साफ किया कि कृषि क्षेत्र के हितों को पूरी तरह ध्यान में रखा गया है और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में भी इस बात को स्पष्ट रूप से रखा है।