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संसद परिसर में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक, केंद्रीय राज्य मंत्री ने कांग्रेस पर लगाया सिख समुदाय के अपमान का आरोप

Written by:Shruty Kushwaha
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घटना के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे उन लोगों से कभी हाथ नहीं मिलाएंगे जो राष्ट्र और सेना के खिलाफ बयान देते हैं।
संसद परिसर में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक, केंद्रीय राज्य मंत्री ने कांग्रेस पर लगाया सिख समुदाय के अपमान का आरोप

Rahul Gandhi and Ravneet Singh Bittu

बजट सत्र के दौरान संसद परिसर में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच मकर द्वार के पास तीखी बहस हुई। दोंनों नेताओं के हुई बीच जुबानी जंग का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

बता दें कि रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस छोड़कर मार्च 2024 में बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्होंने उस दिन दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, जहां उनके साथ बीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। इस से पहले बिट्टू लंबे समय तक कांग्रेस के सदस्य रहे थे और तीन बार कांग्रेस के टिकट पर संसद में सांसद भी रह चुके हैं।

राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक 

संसद परिसर में आज राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जब विपक्षी सांसद संसद के गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे उसी समय रवनीत सिंह बिट्टू मकर द्वार से गुजरे। राहुल गांधी ने उन्हें देखा तो हाथ मिलाने के आगे बढ़ते हुए कहा “हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में आ जाओगे।” इसपर रवनीत सिंह बिट्टू ने उनसे हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘देश के दुश्मन’ कहा।

रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस पर लगाए आरोप

इस घटना ने अब तूल पकड़ लिया है। रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस पार्टी पर सिख समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया है। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लगता है कि सबसे बड़े देशभक्त वही हैं। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने पंजाब में आग लगाई थी। हमारे सबसे बड़े गुरुद्वारे, स्वर्ण मंदिर पर गोलियां चलाई गईं। हज़ारों सिखों और पंजाबियों को निशाना बनाया गया और उनकी हत्या की गई। अगर राजीव गांधी को शहीद कहा जाता है, तो हमें शहीद-ए-आज़म सरदार बेअंत सिंह को भी शहीद कहना चाहिए। मैं भी उसी परिवार से आता हूं।” रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि जब तक मैं कांग्रेस में था तो सब ठीक था। अब मैं बीजेपी में आ गया तो वो इस तरह के संबोधनों से अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो कभी भी उन लोगों से हाथ नहीं मिलाएंगे तो देश के विरोध में बात करते हैं।