Hindi News

हिमाचल में 713 करोड़ की 73 नाबार्ड योजनाएं मंजूर, सीएम सुक्खू की बैठक में विधायकों ने रखीं सड़कें, स्कूल, अस्पताल और शेर लाने जैसी मांगें

Written by:Rishabh Namdev
Published:
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई विधायक प्राथमिकता बैठक में 713.87 करोड़ रुपये की 73 विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई। इस दौरान ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों ने अपने क्षेत्रों के लिए सड़कों के नेटवर्क, स्कूलों के भवन, नए बस अड्डे और यहां तक कि रेणुकाजी चिड़ियाघर के लिए शेर लाने जैसी विभिन्न मांगें सीएम के समक्ष रखीं।
हिमाचल में 713 करोड़ की 73 नाबार्ड योजनाएं मंजूर, सीएम सुक्खू की बैठक में विधायकों ने रखीं सड़कें, स्कूल, अस्पताल और शेर लाने जैसी मांगें

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नाबार्ड (NABARD) के तहत 713.87 करोड़ रुपये की 73 विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों के साथ आयोजित ‘विधायक प्राथमिकता बैठक’ के दौरान यह जानकारी दी। इन स्वीकृत योजनाओं में से 512.31 करोड़ रुपये की 55 योजनाएं लोक निर्माण विभाग (PWD) से और 201.56 करोड़ रुपये की 18 योजनाएं जल शक्ति विभाग से संबंधित हैं।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए और सभी प्रतिपूर्ति दावे 15 मार्च, 2026 से पहले नाबार्ड को भेज दिए जाएं। इस महत्वपूर्ण बैठक में सीएम ने 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को समाप्त करने के प्रस्ताव पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसके बंद होने से राज्य को अगले पांच वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान होगा।

विधायकों ने गिनाईं अपने क्षेत्र की प्राथमिकताएं

बैठक में तीनों जिलों के विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की प्रमुख विकास मांगों और समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। हर विधायक ने सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाओं पर जोर दिया।

ऊना जिला: चिंतपूर्णी से विधायक सुदर्शन बबलू ने सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने और स्तोथर पुल का काम जल्द पूरा करने की मांग की। गगरेट के विधायक राकेश कालिया ने छह स्कूलों के भवनों का निर्माण और दौलतपुर चौक में सीवरेज सुविधा पर जोर दिया। वहीं, ऊना शहर से विधायक सतपाल सत्ती ने नगर निगम में शामिल नए गांवों के लिए सीवरेज स्कीम और शहर में ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारने का आग्रह किया। बंगाणा से विधायक विवेक शर्मा ने क्षेत्र में सब जज कोर्ट खोलने की मांग रखी।

हमीरपुर जिला: हमीरपुर जिले की मांगों में भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने सब जज कोर्ट का नया भवन बनाने और सीवरेज स्कीम की मांग की। सुजानपुर के विधायक रणजीत सिंह ने टौणी देवी व सुजानपुर अस्पताल में डॉक्टरों के खाली पड़े पदों को तत्काल भरने का आग्रह किया। बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने बड़सर और भोटा में नए बस अड्डे बनाने के साथ-साथ दियोटसिद्ध से वॉल्वो बस सेवा शुरू करने की मांग उठाई।

सिरमौर जिला: सिरमौर जिले की मांगें काफी विविध रहीं। पच्छाद से विधायक रीना कश्यप ने हाब्बन घाटी और शिरगुल महाराज मंदिर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया। नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलोजी विभाग बनाने और स्टाफ नर्सों की भर्ती की मांग की। सबसे अनूठी मांग श्री रेणुकाजी से विधायक विनय कुमार ने रखी, जिन्होंने रेणुकाजी चिड़ियाघर में शेर लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। इसके अलावा पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने औद्योगिक क्षेत्र में बिजली लोड की समस्या को ठीक करने की मांग की।

अन्य जिलों की बैठकें भी जल्द

इस बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और मुख्य सचिव संजय गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार अब अन्य जिलों के विधायकों के साथ भी प्राथमिकता बैठकें कर रही है। अगले दिनों में सोलन, चंबा, बिलासपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला और कांगड़ा जिलों के विधायक अपनी विकास प्राथमिकताएं सरकार के समक्ष रखेंगे।