भारतीय युवा ब्रिगेड ने क्रिकेट की दुनिया में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रनों के विशाल अंतर से मात देकर रिकॉर्ड छठी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में खेले गए इस खिताबी मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी की बदौलत एक विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम लक्ष्य से काफी पीछे रह गई।
यह जीत भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूती को दर्शाती है। इंग्लैंड का 28 साल पुराना खिताब जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया, क्योंकि भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में उन्हें बौना साबित कर दिया।
वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी ने रचा इतिहास
इस फाइनल मैच के असली हीरो बिहार के वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से इंग्लैंड के गेंदबाजों के होश उड़ा दिए। वैभव ने मात्र 80 गेंदों का सामना करते हुए 175 रनों की एक यादगार पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 15 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के निकले। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित ओवरों में 411 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर बनाया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सर्वोच्च स्कोर है।
इंग्लैंड की जुझारू कोशिश भी पड़ी कम
412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत में ही लड़खड़ा गई। एक समय टीम ने 177 के स्कोर पर 7 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन यहां से कैलब फैल्कनर ने एक अविश्वसनीय जवाबी हमला बोला। फैल्कनर ने महज 67 गेंदों पर 115 रनों की शतकीय पारी खेलकर इंग्लैंड की उम्मीदों को जिंदा रखने की भरपूर कोशिश की। हालांकि, उनकी यह साहसिक पारी भी टीम को जीत दिलाने के लिए नाकाफी साबित हुई और पूरी टीम 311 रनों पर सिमट गई।
अंडर-19 क्रिकेट में भारत का दबदबा कायम
इस जीत के साथ ही भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप सबसे ज्यादा बार जीतने के अपने ही रिकॉर्ड को और मजबूत कर लिया है। भारत अब तक 6 बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीत चुका है। इस सूची में दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम है, जिसने 4 बार यह खिताब जीता है। यह जीत दर्शाती है कि भारतीय क्रिकेट की नींव कितनी मजबूत है और भविष्य के सितारे लगातार तैयार हो रहे हैं।





