हरारे: आईसीसी मेन्स अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट के एक नए सितारे ने अपनी चमक बिखेर दी है। 14 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में ऐसी तूफानी पारी खेली, जिसने विश्व क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुक्रवार को खेले गए इस मैच में वैभव ने मात्र 80 गेंदों पर 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेलकर कई बड़े रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया।
अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान वैभव ने 15 गगनचुंबी छक्के और 15 ही चौके लगाए। उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया कि इंग्लिश गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। वैभव ने सिर्फ 55 गेंदों पर अपना शतक पूरा कर लिया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे तेज शतक है।
रिकॉर्ड्स की झड़ी, फाइनल में रचा इतिहास
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ एक बड़ी पारी नहीं, बल्कि रिकॉर्ड्स का एक नया अध्याय है। वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले यह कारनामा उन्मुक्त चंद (2012) और मनजोत कालरा (2018) ने किया था। हालांकि, 175 रनों के साथ वैभव अब फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने उन्मुक्त चंद के 111 (नाबाद) रनों के रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया।
इसके अलावा, वैभव किसी भी अंडर-19 वर्ल्ड कप मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के (15) लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के माइकल हिल (12 छक्के) का रिकॉर्ड तोड़ा।
पूरे टूर्नामेंट में रहा बल्ला खामोश न रह सका
वैभव का बल्ला सिर्फ फाइनल में ही नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में आग उगलता रहा। उन्होंने इस संस्करण में कुल 30 छक्के जड़े, जो किसी भी एक अंडर-19 वर्ल्ड कप संस्करण में सबसे अधिक हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के ‘बेबी एबी’ के नाम से मशहूर डेवाल्ड ब्रेविस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2022 में 18 छक्के लगाए थे। वैभव की इस पारी को मैनी लम्सडेन ने समाप्त किया, लेकिन तब तक वह भारत को एक विशाल स्कोर तक पहुंचा चुके थे।
अंडर-19 वर्ल्ड कप के सबसे तेज शतक
हालांकि वैभव फाइनल में सबसे तेज शतक जड़ने वाले बल्लेबाज हैं, लेकिन ओवरऑल अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में यह दूसरा सबसे तेज शतक है। सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजचुक के नाम है, जिन्होंने 2026 में ही जापान के खिलाफ सिर्फ 51 गेंदों पर शतक बनाया था। वैभव की यह पारी दशकों तक याद रखी जाएगी, जिसने भारत को एक और विश्व खिताब के करीब पहुंचा दिया।





