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रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को दी प्रधानमंत्री की पाठशाला में जाने की सलाह, जानिए ‘गद्दार’ और ‘अबोध बालक’ टिप्पणी से जुड़ा पूरा विवाद

Written by:Shruty Kushwaha
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बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी..ये पंक्ति सिर्फ इश्क नहीं सियासत के लिए भी उतनी ही मौजूं है। संसद के बजट सत्र में रोज़ ही कोई न कोई हंगामा हो रहा है। और फिर हंगामे से हंगामे की कड़ी जुड़ जाती है। किसी एक टिप्पणी या बयान के बाद मामला वहीं नहीं थमता। उसपर विपक्ष और सत्ता पक्ष की तनातनी और ज़ुबानी जंग जारी रहती है। पिछले कुछ दिनों से सियासी तापमान इन्हीं वजहों से लगातार बढ़ा हुआ है।
रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को दी प्रधानमंत्री की पाठशाला में जाने की सलाह, जानिए ‘गद्दार’ और ‘अबोध बालक’ टिप्पणी से जुड़ा पूरा विवाद

Ravneet Singh Bittu

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और राहुल गांधी के बीच हुई नोकझोंक के बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अब रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा है कि अगर वो भी प्रधानमंत्री की पाठशाला में चले जाएं तो उनकी जिंदगी भी कामयाब हो जाएगी।

ये मामला दो दिन पहले शुरु हुआ था जब विपक्षी सांसद संसद के गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। उसी समय रवनीत सिंह बिट्टू मकर द्वार से गुजरे। राहुल गांधी ने उन्हें देखा कहा “हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में आ जाओगे।” इसपर रवनीत सिंह बिट्टू ने उनसे हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘देश के दुश्मन’ कहा था।

पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर लगाया सिख समुदाय के अपमान का आरोप

इस घटना पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाँच फरवरी को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को “गद्दार” इसलिए कहा क्योंकि वे सिख हैं, जो कांग्रेस की सिख-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। मोदी ने इसे सिख समुदाय का अपमान करार दिया और कहा कि कांग्रेस में कई लोग पार्टी छोड़ चुके हैं, लेकिन सिर्फ बिट्टू को निशाना बनाया गया क्योंकि वे सिख हैं।

रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को दी प्रधानमंत्री की पाठशाला अटेंड करने की सलाह 

वहीं रवनीत सिंह बिट्टू ने आज एएनआई से बात करते हुए राहुल गांधी को फिर निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ये जानते हैं कि जिन्होंने देश के लिए शहादत दी हो उनका सम्मान कैसे किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पाठशाला में वे बच्चों को बताते कैसे कामयाब होना है। कल सबने अगर राहुल गांधी को बालक बुद्धि कहा है और अगर वो भी पीएम की पाठशाला अटेंड कर लें तो वो भी जीवन में कामयाब हो जाएंगे।

राज्यसभा में अबोध बालक पर हुआ हंगामा

बता दें कि 5 फरवरी को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने न दिए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने आपत्ति जताई और कहा कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं हो सकती। नड्डा ने खड़गे से कहा, “आप हमसे बहुत सीनियर हैं। अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए।” इसपर खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा, “आपकी पार्टी को तो मोदी जी ने बंधक बना रखा है, आप उनकी राय के बिना कुछ बोल भी नहीं सकते हैं।” जेपी नड्डा की “अबोध बालक” वाली टिप्पणी को राहुल गांधी पर हमला बताते हुआ विपक्षी नेताओं ने इसका जमकर विरोध किया। वहीं, अब रवनीत सिंह बिट्टू ने भी इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की पाठशाला में जाने की समझाइश दी है।