पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। होली से पहले राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। 5 फरवरी 2026 को ममता बनर्जी सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया है, जिसमें वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कर्मचारियों का 4 फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की घोषणा की है।
वर्तमान में राज्य के कर्मचारियों को 18 फीसदी महंगाई भत्ते का लाभ मिल रहा है। 4 फीसदी वृद्धि के बाद यह बढ़कर 22 फीसदी हो जाएगा। नई दरें अप्रैल 2026 से लागू होंगी। इस संबंध में जल्द वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे। इसका लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और शिक्षण संस्थानों के करीब 10 लाख कर्मचारियों को मिलने का अनुमान है। हालांकि इस फैसले के बाद भी अब भी केन्द्र व राज्य कर्मियों में 36% डीए का अंतर है। बता दे कि 2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होना है, इससे पहले ममता सरकार ने सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाकर बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है।
कर्मचारियों को जल्द मिलेगा बकाया DA
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को 2008 से 2019 तक के लंबित महंगाई भत्ते का बकाया का भुगतान करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की डिवीजन बेंच ने 6 मार्च 2026 तक राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) का 25 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से करीब 20 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इससे ममता सरकार पर करीब 43 हजार करोड़ रुपये भार आने का अनुमान है।
सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को दिए ये निर्देश
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारी 2008-2019 की अवधि के लिए पश्चिम बंगाल सर्विसेज़ (वेतन और भत्तों में संशोधन) नियम, 2009 के अनुसार महंगाई भत्ता (DA) पाने के हकदार हैं। इसकी गणना ऑल-इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI ) से की जाएगी।
- फैसले के अनुसार, ममता सरकार को होली के आसपास तक बकाया DA का 25% भुगतान करना होगा। उसके बाद बाकी के 75% किस्तों में देना होगा। हालांकि 75 प्रतिशत DA पर फैसला करने के लिए चार सदस्यों की एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
- जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में जस्टिस तरलोचन सिंह चौहान, जस्टिस गौतम विधूड़ी और CAG के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह कमेटी बाकी डीए के हिस्से को किस्तों में कैसे दिया जाए, इस पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मई में सुप्रीम कोर्ट को सौंपेेगी।
लंबे समय से लंबित है यह मामला
बता दे कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने मई 2022 में ही सरकार को तीन महीने के भीतर भुगतान का आदेश दिया था, जिसे ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 3 महीने के भीतर महंगाई भत्ते का 25 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया था। लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने फंड की कमी का हवाला देते हुए डेडलाइन छह महीने बढ़ाने की अपील की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश को बरकरार रखते हुए 25% राशि के तत्काल भुगतान की समय-सीमा 6 मार्च 2026 तय कर दी है। हालांकि इस अवधि में अप्रैल 2025 से ममता सरकार ने कर्मचारियों का 4 फीसदी डीए बढ़ाया था।





