महाशिवरात्रि का पर्व आते ही देशभर के शिव मंदिरों में भक्ति का माहौल बन जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर की बात ही अलग है। यहां स्थित ज्योतिर्लिंग मंदिर में इस दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी महाशिवरात्रि पर खास तैयारी की गई है, ताकि आने वाले भक्तों को दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो।
इस पावन अवसर पर मंदिर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर महाशिवरात्रि पर 24 घंटे खुला रहेगा, यानी भक्त दिन-रात कभी भी भगवान शिव के दर्शन कर सकेंगे। यह निर्णय उन श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत है जो दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं।
क्यों खास है ओंकारेश्वर महाशिवरात्रि का दिन?
हम जानते हैं कि ओंकारेश्वर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। नर्मदा नदी के बीच बने इस पवित्र स्थल का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
सामान्य दिनों में मंदिर रात को बंद कर दिया जाता है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती यहां रात्रि विश्राम करते हैं। इस दौरान शयन आरती होती है और भगवान के लिए सेज, झूला और चौसर सजाई जाती है।
लेकिन महाशिवरात्रि की रात अलग होती है। इस दिन भगवान शिव स्वयं जागरण करते हैं, इसलिए मंदिर भी पूरी रात खुला रहता है। इसी कारण इस दिन शयन आरती नहीं की जाती।
24 घंटे खुले रहेंगे पट, जानिए दर्शन का पूरा समय
मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन सुबह तड़के 3 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे। इसके बाद सबसे पहले साधु-संत दर्शन करेंगे, शोभायात्रा के साथ पूजन होगा, उसके बाद आम भक्तों के लिए दर्शन शुरू होंगे, दोपहर 12:20 बजे भोग के लिए कुछ समय पट बंद रहेंगे। फिर दर्शन लगातार जारी रहेंगे, अगले दिन तड़के 3 बजे तक दर्शन चलते रहेंगे। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा और व्यवस्था भी बढ़ाई जा रही है।
फूलों से सजेगा ओंकारेश्वर मंदिर, घाटों पर भी होगी रोशनी
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाएगा। पूरे ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर को फूलों से सजाया जाएगा ताकि भक्तों को दिव्य वातावरण का अनुभव हो सके।
सिर्फ मंदिर ही नहीं, बल्कि तीर्थनगरी ओंकारेश्वर को भी सजाया जाएगा, घाटों पर रोशनी की विशेष व्यवस्था होगी, मंदिर परिसर में भक्ति संगीत और मंत्रोच्चार का माहौल रहेगा। रात में नर्मदा किनारे जगमगाहट का दृश्य भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देगा।
शयन आरती क्यों नहीं होगी?
सामान्य दिनों में रात 8:30 बजे के बाद मंदिर के पट बंद कर शयन आरती की जाती है। इसके बाद भगवान के विश्राम की व्यवस्था की जाती है। लेकिन महाशिवरात्रि पर शयन आरती नहीं होगी, भगवान के लिए सेज और झूला नहीं सजाया जाएगा पूरी रात मंदिर खुला रहेगा। पंडितों के अनुसार, जैसे उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती का विशेष महत्व है, वैसे ही ओंकारेश्वर में शयन आरती का महत्व माना जाता है। लेकिन इस विशेष दिन पर भगवान जागरण करते हैं।
साधु-संतों की शोभायात्रा से शुरू होंगे दर्शन
महाशिवरात्रि की सुबह पट खुलने के बाद सबसे पहले साधु-संत और संन्यासी शोभायात्रा के साथ मंदिर पहुंचते हैं। इस दौरान मंत्रोच्चार होता है, ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा निकलती है, विशेष पूजा-अर्चना होती है, इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की शुरुआत होती है





