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MP में अब घर पर होगा बुजुर्गों का इलाज, 6 जिलों से शुरू हुआ बड़ा हेल्थ पायलट प्रोजेक्ट

Written by:Bhawna Choubey
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मध्य प्रदेश सरकार का नया कदम अब बुजुर्गों के लिए राहत लेकर आया है। घर बैठे इलाज, HOPE ऐप से रजिस्ट्रेशन, नर्सिंग स्टाफ की घर पर जांच और डॉक्टर से ऑनलाइन सलाह, जानिए इस पायलट प्रोजेक्ट से परिवारों को कैसे मिलेगा बड़ा सहारा।
MP में अब घर पर होगा बुजुर्गों का इलाज, 6 जिलों से शुरू हुआ बड़ा हेल्थ  पायलट प्रोजेक्ट

हम सबने अपने घर के बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने की परेशानी जरूर देखी है। कई बार उम्र ज्यादा होने, चलने-फिरने में दिक्कत या कमजोरी के कारण उन्हें अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इलाज भी टलता रहता है और बीमारी बढ़ जाती है।

इसी समस्या को समझते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने अब एक बड़ा कदम उठाया है। MP में घर जाकर बीमार बुजुर्गों का इलाज करने की योजना शुरू की जा रही है, जिसकी शुरुआत फिलहाल 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हो रही है। इस योजना से लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या है यह नई योजना?

मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत उन बुजुर्गों की मदद का फैसला किया है जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं या जिन्हें अस्पताल जाने में दिक्कत होती है। ऐसे बुजुर्गों की पहचान कर अब स्वास्थ्य कर्मचारी उनके घर जाकर जांच और इलाज करेंगे।

इस योजना में नर्सिंग स्टाफ घर पर पहुंचेगा, बुजुर्गों की जांच वहीं की जाएगी, जरूरत होने पर डॉक्टर से ऑनलाइन सलाह ली जाएगी, इलाज और देखभाल घर पर ही शुरू होगी, इससे बुजुर्गों को अस्पतालों की भीड़ और सफर की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

किन जिलों में शुरू हो रहा है पायलट प्रोजेक्ट?

फिलहाल यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 6 जिलों में शुरू हो रही है। इनमें शामिल हैं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा इन जिलों में पहले चरण में ऐसे बुजुर्गों की पहचान की जा रही है जो अस्पताल नहीं जा पाते। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 1 लाख से ज्यादा बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्हें नियमित स्वास्थ्य देखभाल की जरूरत है लेकिन वे अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते।

HOPE ऐप क्या है और कैसे करेगा मदद?

इस योजना की सबसे खास बात है HOPE ऐप। इसी ऐप के जरिए पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन होगा, स्वास्थ्य रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा, घर जाकर इलाज की जानकारी अपडेट होगी, डॉक्टर से ऑनलाइन सलाह जुड़ सकेगी, अब तक सैकड़ों बुजुर्गों की शुरुआती स्क्रीनिंग भी हो चुकी है। आशा कार्यकर्ता घर-घर सर्वे कर रही हैं, और जरूरतमंद बुजुर्गों का डेटा HOPE ऐप में दर्ज किया जा रहा है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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