उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े हुए शिक्षकों और रसोइयों को कैशलैस इलाज की नई सुविधा उपलब्ध करवाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। लगभग 12 लाख कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलने वाला है।
सरकार ने योजना अपने कर्मचारियों और उनके आश्रितों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की है। इसका वार्षिक प्रीमियम बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा वाहन किया जाएगा, जिससे आयुष्मान भारत की दरों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। यह सुविधा केवल सरकारी ही नहीं निजी अस्पतालों में भी मिलेगी।
CM योगी ने की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के मौके पर इस योजना की घोषणा की थी। 28 जनवरी को इसे कैबिनेट में स्वीकृति दी गई जिसके बाद बीते दिन अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
कितने लोगों को होगा लाभ
योजना के तहत बेसिक शिक्षा के 11.95 लाख शिक्षक, रसोईया और अन्य कर्मचारी लाभान्वित होने वाले हैं। परिषद के विद्यालयों के शिक्षक, विशेष शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वॉर्डन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक शिक्षिकाएं और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोईया और उनके आश्रित परिवार इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
कहां कितनी सुविधा
इलाज की सुविधा राजकीय अस्पतालों के साथ स्टेट एजेंसी फिर कंप्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज से जुड़े निजी अस्पतालों में भी मिलने वाली है। सरकार के प्रति करीब 3000 वार्षिक प्रीमियर का अनुमान लगाया जा रहा है। यह प्रीमियम केवल पत्र और कार्यरत कर्मचारियों के लिए दिया जाएगा। पूरा खर्चा शिक्षा विभाग वहन करेगा। इलाज की दर आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की दरों के अनुसार लगाई जाएगी।
इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
जो लोग पहले से आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ ले रहे हैं। उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हर साल 30 जून तक पात्र लाभार्थियों का विवरण साचीज को भेजना होगा ताकि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।





