वेतन वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर नोएडा स्थित फैक्ट्रियों के श्रमिकों द्वारा किये गये हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब एक्शन में आ गई है, सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मजदूरों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बना दी है जो इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नोएडा में आज सोमवार को हजारों की संख्या में मजदूर सड़क पर उतर आये, प्रदर्शन कई जगह हिंसक भी हो गया गुस्साए मजदूरों ने कई गाड़ियों को फूंक दिया हालात बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया, मजदूरों को रोकने की कोशिश के दौरान पुलिस ने कई जगह लाठी चार्ज भी किया , मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और उन्हें निर्देश दिए कि 24 घंटे में सभी यूनियनों के नेताओं से बात करें और रिपोर्ट दें।
अधिकारियों को आदेश देने के अलावा मामले के निपटारे के लिए योगी ने एक हाई लेवल कमेटी बनाने के निर्देश भी दिए, सीएम के निर्देश के बाद सरकार ने औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है, इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में शांति और संतुलन बनाए रखना है।
कमेटी ने इनको दी गई जवाबदारी
कमेटी की कमान औद्योगिक विकास आयुक्त को सौंपी गई है। इसके अलावा इसमें अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई) और प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग को सदस्य बनाया गया है। कमेटी में श्रम आयुक्त सदस्य सचिव होंगे खास बात यह है कि समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधियों और उद्योग संगठनों के तीन प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है यानि इस समिति में सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
समिति का ये रहेगा काम
मजदूरों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बने विषम हालातों को सुलझाना इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य होगा कमेटी दोनों के बीच संवाद स्थापित कर आपसी बातचीत के जरिये विवाद का हल निकालेगी जिससे फिर ऐसी घटनाएँ न आहों और माहौल शांत एवं स्थिर बना रहे, फैक्ट्रियों में काम सामान्य रूप से चलता रहे।







