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बजट 2026 को लेकर उमंग सिंघार का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- ‘किसानों-युवाओं से धोखा, उद्योगपतियों के कर्ज माफ’

Written by:Gaurav Sharma
Published:
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को किसान, युवा और मजदूर विरोधी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया, जबकि बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ के कर्ज माफ किए जा रहे हैं।
बजट 2026 को लेकर उमंग सिंघार का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- ‘किसानों-युवाओं से धोखा, उद्योगपतियों के कर्ज माफ’

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बजट को किसान, युवा और मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि इसमें आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

किसानों और मजदूरों की घोर अनदेखी

सिंघार ने कहा कि केंद्रीय बजट में किसानों के लिए कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि देश का किसान पहले से ही परेशान है और अपनी फसल की उत्पादन लागत भी नहीं निकाल पा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बजट में देश के मजदूरों के बारे में कोई विचार नहीं किए जाने पर भी सरकार की आलोचना की।

‘स्टार्टअप के नाम पर युवाओं से छलावा’

युवाओं के मुद्दे पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार स्टार्टअप के नाम पर उन्हें धोखा दे रही है। उन्होंने बजट को युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बताया। उनके अनुसार, बजट में रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस योजना नहीं है, जिससे युवाओं में निराशा है।

उद्योगपतियों पर मेहरबानी, आम योजनाओं पर चुप्पी

उमंग सिंघार ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ आम आदमी से जुड़ी नल-जल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए कोई अतिरिक्त पैसा नहीं दिया गया है, वहीं दूसरी ओर बड़े-बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ों रुपए के कर्ज माफ किए जा रहे हैं।

“बड़े-बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ों रुपए के लोन माफ हो रहे हैं। (वहीं) नल जल योजना के लिए कोई भी अतिरिक्त पैसा नहीं दिया गया।”- उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष

उन्होंने कहा कि यह बजट केवल कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और इसमें देश के बहुसंख्यक वर्ग, जिसमें किसान, मजदूर और युवा शामिल हैं, के हितों की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है।