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मणिपुर में युमनाम खेमचंद सिंह के सीएम बनते ही चुराचांदपुर में फिर भड़की हिंसा, कुकी संगठनों के विरोध प्रदर्शन में सुरक्षाबलों से झड़प

Written by:Banshika Sharma
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मणिपुर में नई सरकार के शपथ ग्रहण के अगले ही दिन चुराचांदपुर जिले में फिर से तनाव बढ़ गया है। नई सरकार के गठन का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। कुकी संगठनों ने अपने समुदाय के विधायकों को सरकार में शामिल न होने की चेतावनी देते हुए पूर्ण बंद का आह्वान किया है।
मणिपुर में युमनाम खेमचंद सिंह के सीएम बनते ही चुराचांदपुर में फिर भड़की हिंसा, कुकी संगठनों के विरोध प्रदर्शन में सुरक्षाबलों से झड़प

मणिपुर में एक साल के लंबे अंतराल के बाद नई सरकार का गठन होते ही शांति भंग हो गई। गुरुवार (5 फरवरी 2026) को राज्य के चुराचांदपुर जिले में स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई, जब नई सरकार के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाबलों के साथ भीषण झड़प हो गई। युमनाम खेमचंद सिंह के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद यह हिंसा भड़की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुराचांदपुर के तुइबोंग इलाके में दिन भर माहौल गरमाया रहा। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को कार्रवाई करनी पड़ी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ। हालात को काबू में रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

कुकी संगठनों ने दी कड़ी चेतावनी

इस पूरे विरोध प्रदर्शन के पीछे कुकी संगठनों का हाथ है, जो नए सरकारी ढांचे से नाराज हैं। इन समूहों ने अपने समुदाय से आने वाले विधायकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे सरकार गठन की प्रक्रिया में हिस्सा न लें। इसी क्रम में, आदिवासी संगठन ‘जॉइंट फोरम ऑफ सेवन’ (जेएफ-7) ने कुकी-जो बहुल इलाकों में शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण बंद का ऐलान किया है। संगठन ने एक बार फिर अलग कुकी प्रशासन की अपनी पुरानी मांग को दोहराया है।

कुकी जो काउंसिल ने एक बयान में कहा कि यदि समुदाय का कोई विधायक संगठन के सामूहिक निर्णय की अनदेखी करता है तो वह ऐसा अपनी व्यक्तिगत हैसियत में करेगा और ऐसे ‘एकतरफा फैसलों’ से उत्पन्न परिणामों के लिए संगठन जिम्मेदार नहीं होगा।

कुछ कुकी उग्रवादी संगठनों ने भी विधायकों को सरकार में शामिल होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी जारी की है।

क्यों हो रहा है यह विरोध?

यह विरोध प्रदर्शन बुधवार (4 फरवरी 2026) को हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद शुरू हुआ। युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली बीजेपी विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक एल. दिखो ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

खासतौर पर नेमचा किपगेन के डिप्टी सीएम बनने का कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में कड़ा विरोध हुआ। लेइमाखोंग के पास प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं, टायर जलाए और बांस के डंडों से रास्ता रोक दिया। गौरतलब है कि मणिपुर में 3 मई 2023 से मैइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है, जिसकी शुरुआत मैइती समुदाय को एसटी दर्जा देने की मांग के विरोध में हुई एक रैली के बाद हुई थी।