संसद के बजट सत्र में जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है, वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एक बार फिर अपने अनूठे अंदाज से राज्यसभा में सबका ध्यान खींचा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही चर्चा के दौरान उन्होंने अपने भाषण में हास्य और व्यंग्य का ऐसा तड़का लगाया कि सदन में ठहाके गूंज उठे।
अपने चिर-परिचित शायराना अंदाज में बोलते हुए अठावले ने अपने पुराने दिनों को याद किया जब वह कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन का हिस्सा थे। उन्होंने इस बात पर चुटकी ली कि कैसे यूपीए का एक फैसला उनके राजनीतिक करियर के लिए फायदेमंद साबित हुआ।
‘उधर पांच साल रहता, इधर 13 साल से मंत्री हूं’
अठावले ने कांग्रेस पर सामाजिक न्याय के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस पार्टी के साथ था। सामाजिक न्याय के मुद्दों पर कई बार सामाजिक न्याय मंत्री से मिला। कांग्रेस पार्टी ने कुछ नहीं किया।”
“ऐसा नहीं है, लेकिन जितना करना चाहिए था, उतना नहीं किया। मैं यूपीए में था। तब इन्होंने मुझे मंत्री बना दिया होता तो मैं इधर नहीं आता। नहीं बनाया तो अच्छा हुआ। उधर पांच साल मंत्री रहता, इधर 13 साल से मंत्री हूं।” — रामदास अठावले, केंद्रीय मंत्री
उनके इस बयान पर सदन में मौजूद सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कांग्रेस को अब हर जगह हार का सामना करना पड़ रहा है।
मोदी के चौथी बार पीएम बनने की भविष्यवाणी
अपने भाषण के दौरान रामदास अठावले ने न केवल विपक्ष पर निशाना साधा, बल्कि भविष्यवाणियां भी कीं। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार चौथी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी भविष्यवाणी कर दी कि वह भी एनडीए सरकार में चौथी बार मंत्री बनेंगे। भाषण के अंत में उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
पीएम मोदी ने भी कांग्रेस को घेरा
उसी चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यसभा को संबोधित किया। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस की सोच में जमीन-आसमान का फर्क बताया। पीएम मोदी ने कहा, “हमारा मानना है कि 140 करोड़ भारतीय बहुत काबिल हैं और वे खुद ही अपने सामने आने वाली मुश्किलों का हल निकाल सकते हैं। हमें इस देश के लोगों पर, उनकी ताकत और काबिलियत पर भरोसा है। लेकिन कांग्रेस इस देश के लोगों को ही प्रॉब्लम मानती है।”





