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सीहोर में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने लाड़ली बहनों को दी चेतावनी, कहा- ‘सरकारी कार्यक्रम में नहीं आईं तो कट सकता है नाम’

Written by:Banshika Sharma
Published:
मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। सीहोर जिले के धामंदा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों से कहा कि यदि वे सरकारी कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी तो उनके नाम सूची से काटे जा सकते हैं।
सीहोर में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने लाड़ली बहनों को दी चेतावनी, कहा- ‘सरकारी कार्यक्रम में नहीं आईं तो कट सकता है नाम’

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का एक बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। सीहोर जिले के इछावर विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों को लेकर एक बड़ी चेतावनी दे डाली। मंत्री ने खुले मंच से कहा कि जो महिलाएं सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगी, उनके नाम योजना से काटे जा सकते हैं।

यह पूरा मामला ग्राम धामंदा का है, जहां मंत्री करण सिंह वर्मा एक नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में लोगों की कम उपस्थिति देखकर वे नाराज हो गए। उन्होंने मंच से ही अपनी नाराजगी जाहिर की।

उपस्थिति कम होने पर दी चेतावनी

राजस्व मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि धामंदा गांव में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन जब सरकार कोई कार्यक्रम करती है तो उनकी उपस्थिति न के बराबर रहती है। उन्होंने कहा कि यह ठीक नहीं है।

“मैं एक दिन सीईओ से कहूंगा कि सभी बहनों को बुलाया जाए और जो नहीं आएंगी, उनके नाम काटने की रिपोर्ट भेजी जाए।” — करण सिंह वर्मा, राजस्व मंत्री, मध्य प्रदेश

मंत्री ने आगे कहा कि पहले कांग्रेस के शासन में किसी को पैसा नहीं मिलता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों और जरूरतमंदों के खातों में सीधे पैसा पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से गेहूं भेजा जा रहा है, फिर भी लोग सरकारी योजनाओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

करोड़ों की लागत से बने स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण

अपने इस बयान से पहले मंत्री करण सिंह वर्मा ने क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं की सौगात दी। उन्होंने ग्राम धामंदा में 65 लाख रुपये की लागत से बने आयुष्मान आरोग्य मंदिर और ग्राम नापलाखेड़ी में 56.09 लाख रुपये की लागत से तैयार उपस्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन नए केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, जांच और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत पात्र परिवारों को नि:शुल्क इलाज मुहैया कराया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान स्कूली विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।