Hindi News

छतरपुर के बिजावर में दलित युवक से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद BJP नेता पर SC/ST एक्ट में केस दर्ज

Reported by:Saurabh Shukla|Edited by:Rishabh Namdev
Published:
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक दलित युवक के साथ मारपीट और गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। खुद को भाजपा का पदाधिकारी बताने वाले आरोपी आशीष रैकवार के खिलाफ बिजावर थाने में SC/ST एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
छतरपुर के बिजावर में दलित युवक से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद BJP नेता पर SC/ST एक्ट में केस दर्ज

छतरपुर: सोशल मीडिया पर एक दलित युवक के साथ अभद्रता और मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद छतरपुर पुलिस हरकत में आ गई है। जिले के बिजावर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष रैकवार के खिलाफ SC/ST एक्ट और मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी खुद को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मछुआ प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बताता सुनाई दे रहा है।

यह कार्रवाई पीड़ित युवक के पिता छनूलाल अहिरवार की शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस ने वायरल हुए वीडियो को भी साक्ष्य के तौर पर केस डायरी में शामिल कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

कैसे सामने आया पूरा मामला?

यह घटना तब सार्वजनिक हुई जब पठार तालाब के किनारे का एक वीडियो क्लिप Facebook और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में एक व्यक्ति, जिसकी पहचान बाद में आशीष रैकवार के रूप में हुई, एक युवक के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता दिख रहा है। वह खुद को भाजपा का जिलाध्यक्ष बताते हुए धमका रहा था।

वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में काफी गुस्सा देखा गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा। देर रात पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की।

तालाब पर मछली निकालने को लेकर हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद पठार तालाब से जुड़ा है। पीड़ित युवक छोटू अहिरवार के पिता छनूलाल अहिरवार इसी तालाब की मछुआ समिति के अध्यक्ष हैं। आरोप है कि आरोपी आशीष रैकवार और उसके साथी जबरन तालाब से मछली निकाल रहे थे।

जब छोटू अहिरवार ने इसका विरोध किया तो उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई और उसे जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया गया। घटना के बाद पीड़ित युवक इतना डर गया था कि वह तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में जब वीडियो वायरल हुआ, तब जाकर मामला अधिकारियों तक पहुंचा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।