मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, ख़बरों के मुताबिक अब तक दूषित पानी से पीड़ित 23 लोग जान गंवा चुके हैं हालाँकि सरकारी आंकड़े अभी तक 6 मौत की बात कह रहे हैं, इस घटना के बाद से कांग्रेस प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमलावर है, उधर राज्य सरकार भई अपने स्तर पर स्थिति को नियंत्रित कर रही है , मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर मंत्री से लेकर अधिकारी तक अलर्ट है
इंदौर के भागीरथपुरा की घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पीड़ितों से मिले हैं वे अपने स्तर पर वाटर ऑडिट करा चुके हैं, उनका दावा है कि इंदौर में अभी भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ दूषित पानी की सप्लाई हो रही है, मीडिया के सवालों पर वे भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर हैं।
दूषित पानी जनता के जीवन से सीधा खिलवाड़
उमंग सिंघार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, इंदौर में दूषित जल ने तथाकथित “स्वच्छता मॉडल” की सच्चाई उजागर कर दी है। अब तक दर्जनों से अधिक मौत, कई मरीज वेंटिलेटर पर है सिस्टम की असंवेदनशीलता है। भागीरथपुरा ही नहीं, शहर के कई इलाकों में मल-मिश्रित पानी सप्लाई किया जा रहा है, यह जनता के जीवन से सीधा खिलवाड़ है।
शुद्ध पानी, बिजली, सड़क, रोजगार जनता का अधिकार
उन्होंने सवाल किया कि हज़ारों करोड़ का बजट है इंदौर को कई अवॉर्ड भी मिले हैं फिर भी जनता को ज़हर क्यों पिलाया जा रहा है? उन्होंने कहा इतने के बाद भी महापौर मौन हैं, मुख्यमंत्री जवाबदेही से बच रहे हैं। कांग्रेस नेता ने हमला करते हुए कहा भाजपा हिंदू के नाम पर वोट मांगती है, हिन्दू रक्षा का ढोल पीटती है लेकिन प्रदेश के हिंदू किसान, मज़दूर, महिलाएं और बच्चे क्या उनके अपने नहीं? शुद्ध पानी, बिजली, सड़क, रोजगार यह एहसान नहीं, जनता का अधिकार है।





