मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की दो टूक- बिजली बिलों की वसूली हो लेकिन

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चौथी पारी में लगातार एक्टिव मोड में काम रहे है। आए दिन मुख्यमंत्री विभागों के मंत्रियों के साथ बैठक कर बड़े बड़े फैसले ले रहे है और अधिकारियों को निर्देश दे रहे है।इसी कड़ी में मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की, जिसमें अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि किसानों को बिना बाधा के विद्युत सप्लाई, आम लोगों से बकाया देयकों की वसूली और बिजली चोरी रोकने के कार्य प्राथमिकता से किए जाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan)  ने ऊर्जा विभाग (Department Of Energy) की समीक्षा बैठक की, जिसमें ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) संमेत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में सीएम ने  निर्देश दिए कि किसानों (Farmers) को बिना बाधा के विद्युत सप्लाई, आम लोगों से बकाया देयकों की वसूली और बिजली (Electricity) चोरी रोकने के कार्य प्राथमिकता से किए जाए। कि नगारिकों को विद्युत की बचत के लिए भी प्रेरित किया जाए। बैठक में

ट्रांसफॉर्मर्स की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि प्रदेश में ट्रांसफॉर्मर्स (Transformers) में सुधार की कार्रवाई भी प्राथमिकता से की जाए और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए। विद्युत उपभोक्ताओं को उत्कृष्ट सेवाएं मिलना चाहिए। विद्युत पोल और विद्युत लाईन की तार झूलने जैसे दृश्य कहीं दिखाई नहीं देना चाहिए। समय-सीमा में सोलर पम्प स्थापना के कार्य पूर्ण किए जाएं।  सिंचाई के लिए किसानों को सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक साधनों के उपयोग के लिए मार्गदर्शन देकर सहयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विद्युत केन्द्रों के शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ओंकारेश्वर में प्रस्तावित 600 मेगावॉट के फ्लोटिंग सोलर प्लांट (Floating Solar Plant) के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे (Secretary Energy Sanjay Dubey) ने बताया कि इस ऊर्जा परियोजना के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। विश्व बैंक, आई.एफ.सी और पावर ग्रिड से योजना में सहयोग की अनुमति प्राप्त हुई है। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश एवं प्रमुख बिन्दु

  1. जिन स्थानों पर कृषि उपभोक्ताओं को नियमित 10 घंटे विद्युत प्रदाय की जा रही है, वहाँ के कृषि उपभोक्ताओं से फीड बैक लिया जाये।
  2. प्रदेश में उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण एवं बकाया राशि के भुगतान के लिए बिजली पंचायत आयोजित की जाए।
  3. आउट सोर्सिंग में आई.टी.आई. वालों को भर्ती किया जाए। सामग्री क्रय करने में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।
  4. नियमित भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय में प्राथमिकता दी जाए।
  5. विद्युत लाइनों का रख-रखाव योजनाबद्ध तरीके से किया जाये।
  6. वसूली के दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। कृषि उपभोक्ताओं के लिए सोलर पम्प की स्थापना फीडरवार करने के निर्देश दिए जाए।
  7. विधायकों से प्राप्त कार्यों के संबंध में उन्हें अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जाए।
  8. सी.एम. हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की प्रगति पर मुख्यमंत्री चौहान ने प्रशंसा की एवं लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश दिए।
  9. बड़े बकायादारों से वसूली के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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