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जन आक्रोश महिला पदयात्रा: भोपाल की सड़कों पर उमड़ा महिलाओं का सैलाब, सीएम डॉ मोहन यादव बोले “बहनों की इच्छा कुचलने वालों को कब्र से निकालकर दी जाएगी सजा”

Written by:Shruty Kushwaha
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भोपाल में ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ के दौरान महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के रवैये को लेकर हजारों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने महिलाओं से अपने हक के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
जन आक्रोश महिला पदयात्रा: भोपाल की सड़कों पर उमड़ा महिलाओं का सैलाब, सीएम डॉ मोहन यादव बोले “बहनों की इच्छा कुचलने वालों को कब्र से निकालकर दी जाएगी सजा”

Jan Aakrosh Mahila Padyatra

राजधानी भोपाल की सड़कें सोमवार को महिला आक्रोश से गूंज उठीं। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के पास न होने पर हजारों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। इस ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ में सीएम मोहन यादव भी सम्मिलित हुए।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “बहनों की इच्छा कुचलने वालों को कब्र से निकालकर सजा दी जाएगी।” उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने बहनों के साथ अन्याय किया है और उनके अधिकारों का गला घोंट दिया। सीएम ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “वे बड़ी-बड़ी बातें करती थीं कि मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं। लेकिन जब बहनों के अधिकारों पर जब डाका पड़ा तो उनकी ये बातें कहां गायब हो गईं।”

भोपाल में निकली ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’

भोपाल में ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ के दौरान हजारों महिलाओं ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के खिलाफ एकत्रित महिलाओं ने विपक्ष पर उनके अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि उसने आजादी के समय से ही महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालने की परंपरा निभाई है। राहुल और प्रियंका के पिता राजीव गांधी के समय तीन तलाक जैसे मुद्दों पर भी बहनों के हितों की अनदेखी की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि “देश की आधी आबादी की इच्छा का गला घोंटने वाले कभी सफल नहीं होंगे।”

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना 

सीएम मोहन यादव ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा के खिलाफ, ज्योतिबा फुले ने नारी समानता के लिए, डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अधिकार दिलाने के लिए और महात्मा गांधी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार महिलाओं की आवाज बुलंद की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की बात का हवाला देते हुए कहा, “नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।” सीएम ने महिलाओं से अपील की कि इस आक्रोश को बुझने न दें और पूरे देश के सामने लाएं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बहनों के हर फैसले के साथ खड़ी है। हम हर जगह निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस अन्याय की निंदा करेंगे।

हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि बहनों का मौलिक अधिकार था। विपक्ष ने इसमें रोड़ा अटकाया और कुठाराघात किया। उन्होंने विपक्ष की संवेदनहीनता की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी जितनी आलोचना करें उतनी कम है।” बीजेपी अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान किया कि यह आक्रोश घर-घर पहुंचे और समय आने पर सपनों को कुचलने वालों से हिसाब लिया जाएगा।

पदयात्रा भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू होकर रोशनपुरा चौराहे तक निकाली गई। गांव-गांव से पहुंची हजारों महिलाएं स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद पार्टी पदाधिकारियों और महिलाओं के साथ पैदल चले। मंच पर विख्यात गायिका अंबिका जैन अंबर ने भी महिलाओं को उनके अधिकारों के लिए जागरूक किया।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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