कांग्रेस कार्यकर्ता मंजीत घोषी की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि एक एक्टिविस्ट को सिर्फ सोशल मीडिया पर अपने विचार रखने के कारण गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस पार्टी को गुमराह किया गया उनके बारे में सही जानकारी भी नहीं दी गई। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वो और पूरी पार्टी मंजीत घोषी और उनके परिवार के साथ है।
उन्होंने कहा कि चाहे मीडिया के साथी हों या सोशल मीडिया के..जो भी देश के पक्ष में अपनी बात रखते हैं कांग्रेस पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही थे तो पुलिस उन्हें चोरी छिपे क्यों लेकर गई। उन्होंने बीजेपी पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
मंजीत घोषी की गिरफ्तारी को लेकर जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार से किए सवाल
जीतू पटवारा ने मंजीत घोषी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “नरसिंहपुर में एक साथी और एक्टिविस्ट को सिर्फ सोशल मीडिया पर अपने विचार रखने के कारण गिरफ्तार किया गया, ये निंदा का विषय है। हमने इसे संज्ञान में लिया है। जब तक हमारे कार्यकर्ता वहां पहुंचे तब कर पुलिस उन्हें लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई और हमें गुमराह किया गया। हमें बताया भी नहीं गया कि उन्हें कहां रखा है। अगर उनके ऊपर किसी तरह का प्रकरण दर्ज था तो सबके सामने ले जाना था लेकिन पुलिस उन्हें चोरी से ले गई। अगर कोई व्यक्ति प्रशासन शासन या व्यवस्था के ऊपर सवाल उठाता है तो इस तरह की कार्रवाई करना देश को तानाशाही की ओर ले जाना है। कांग्रेस पार्टी उनके और उनके परिवार के साथ खड़ी है।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम ऐसे सभी लोगों के साथ हैं जो देशहित की बात कर रहे हैं।
दिल्ली और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने किया गिरफ्तार
बता दें कि शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में दिल्ली और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता मंजीत घोषी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी का कारण उनकी सोशल मीडिया पर लिखी एक पोस्ट बताई जा रही है, जिसमें उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद कथित ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए एक पुराना वीडियो साझा किया था। पुलिस के अनुसार यह पोस्ट भ्रामक और गलत सूचना फैलाने वाली थी जिसके चलते दिल्ली और राजस्थान में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुईं। गिरफ्तारी के बाद मंजीत घोषी को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है। उन्हें BNS धारा 152 भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का प्रयास (जिसे राजद्रोह के समकक्ष माना जाता है), BNS धारा 353(1) सार्वजनिक सेवक के खिलाफ आपराधिक बल या धमकी देने के की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।





