भारत में अपने सुरक्षा बड़े को और भी मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठा लिए हैं। वो रूस से पांच नए एस 400 स्क्वाड्रन खरीदने जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और रक्षा मंत्रालय जल्द ही इसे आगे बढ़ाने वाला है।
तहसील पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के समय S 400 ने जो प्रदर्शन किया है उसी को देखते हुए इसे खरीदने का निर्णय लिया गया है। भारतीय सेवा में इसे सुदर्शन चक्र के नाम से पहचाना जाता है, जो दुश्मनों के छक्के छुड़ा देता है।
रूस से S-400 खरीदेगा भारत
रक्षा अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक नए सिस्टम को पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर तैनात किया जाएगा। इससे चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चे पर भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता मजबूत की जा सकेगी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और पाकिस्तान के पांच छः लड़ाकू विमान के साथ एक जासूसी विमान को 300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर मार गिराया था।
ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका
वायु सेना ने पहले भी एस-400 को हवाई सुरक्षा रणनीति को लेकर गेम चेंजर बताया था। ऑपरेशन सिंदूर के समय इसने जबरदस्त प्रदर्शन किया। जबकि क समय पाकिस्तान ने चीन में बनाए गए एचक्यू 9 वायु सुरक्षा प्रणालियों के स्क्वाड्रन तैनात किए थे। ये भारतीय विमानों के आगे कुछ खास नहीं कर पाए।
भारत रूस का समझौता
भारतीय सुरक्षा प्रणालियों ने इस समय ना केवल पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया था बल्कि बैलेस्टिक मिसाइलों को भी नष्ट कर दिया था। रूस और भारत के बीच इस स्क्वाड्रन सिस्टम की खरीदी को लेकर 2004 में समझौता हुआ था। इनमें से 3 भारतीय सेना का हिस्सा बन चुके हैं। जबकि बाकी के आने की प्रक्रिया जारी है।
कैसा है है S-400 स्क्वाड्रन सिस्टम
S400 की एक कॉटन में 256 मिसाइल होती है। भारत के पास तीन स्क्वाड्रन है जिन्हे अलग-अलग सीमाओं पर तैनात किया गया है। रूस ने अपने इस एडवांस मिसाइल सिस्टम को 2007 में लॉन्च किया था। यह सिस्टम इतना मजबूत है कि फाइटर जेट, ड्रोन, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल और स्टेल्थ विमान को मार गिरा सकता है। यह हवा में खतरों से बचाव के लिए मजबूत दल की तरह खड़ा रहता है। दुनिया के सबसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम में इसे गिना जाता है।






