मध्य-पूर्व के मौजूदा संकट के बीच भारत लौटने की कोशिश कर रहे यात्रियों के लिए राहत की बड़ी सूचना आई है। इंडिगो ने 3 मार्च 2026 को जेद्दा से भारत के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स चलाने की तैयारी की है, ताकि अलग-अलग देशों में फंसे लोगों की वापसी तेज की जा सके।
यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब इजरायल और अमेरिका की ईरान पर संयुक्त कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है। हमलों और सुरक्षा कारणों से कई रूटों पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है, और इसी वजह से ईरान समेत कई देशों में भारतीय यात्रियों के फंसे होने की स्थिति बनी।
मंत्रालय ने क्या कहा, योजना किन शर्तों पर
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, इंडिगो का यह रिलीफ ऑपरेशन 3 मार्च 2026 के लिए तय किया गया है। हालांकि मंत्रालय ने साफ किया है कि उड़ानों का संचालन जरूरी नियामकीय मंजूरियों और उस समय उपलब्ध एयरस्पेस की स्थिति पर निर्भर करेगा। यानी शेड्यूल घोषित होने के बावजूद अंतिम संचालन सुरक्षा और अनुमति तंत्र के साथ ही तय होगा।
जेद्दा में यात्रियों की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए इंडिगो, भारत के कॉन्सुलेट जनरल के साथ समन्वय में काम कर रही है। इस समन्वय का मकसद यात्रियों की पहचान, प्राथमिकता और बोर्डिंग से जुड़े काम को सुचारु रखना है, ताकि वापसी प्रक्रिया में अनिश्चितता कम हो।
मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया है कि भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच चलने वाली दूसरी एयरलाइंस भी पूरी क्षमता से नहीं, बल्कि ऑपरेशनल और एयरस्पेस शर्तों के आधार पर सीमित संचालन कर रही हैं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की मस्कट सेवा भी 3 मार्च से
इंडिगो की घोषणा के साथ ही एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी 3 मार्च से मस्कट के लिए उड़ान सेवा शुरू करने की जानकारी दी है। कंपनी के अनुसार, मस्कट से दिल्ली, कोच्ची, कोझिकोड, मंगलुरू, मुंबई और तिरुचिरापल्ली के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी।
एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि मस्कट से पहली उड़ान तिरुचिरापल्ली के लिए सुबह 10:25 बजे रवाना होगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति, समय और बदलाव से जुड़ी जानकारी एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर ही जांचें।
किन देशों के लिए उड़ानें अब भी रद्द
वर्तमान शेड्यूल के अनुसार कई खाड़ी देशों के लिए उड़ानें अभी निलंबित हैं। एयरलाइन अपडेट में बताया गया है कि बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और यूएई के लिए सेवाएं 3 मार्च 2026 तक रद्द रहेंगी।
सरकार की ओर से यात्रियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। ऐसे यात्रियों के लिए, जिनकी यात्रा तिथियां निकट हैं, आधिकारिक स्रोतों से लगातार अपडेट लेना और एयरलाइन सलाह का पालन करना फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर स्थिति गतिशील बनी हुई है: एक तरफ रिलीफ ऑपरेशन के जरिए वापसी का रास्ता खोला जा रहा है, दूसरी तरफ एयरस्पेस और सुरक्षा परिस्थितियों के कारण नियमित अंतरराष्ट्रीय संचालन अभी भी सीमित है। अगले कुछ दिनों में मंजूरियों और क्षेत्रीय हालात के आधार पर उड़ान योजना में आगे बदलाव संभव हैं।






