3 मार्च 2026, मंगलवार को पड़ रहे साल के पहले पूर्ण चंद्रग्रहण के कारण अयोध्या स्थित रामलला मंदिर करीब साढ़े 11 घंटे तक आम दर्शन के लिए बंद रहेगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण और सूतक अवधि में मंदिर के भीतर प्रवेश और दर्शन नहीं होंगे।
ट्रस्ट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार श्रद्धालु सुबह की निर्धारित मंगला आरती और श्रृंगार आरती में शामिल हो सकेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक बंदी का समय लगभग सुबह 9 बजे से रात 8:30 बजे तक रहेगा।
ग्रहण के दिन क्या बदलेगा, क्या सामान्य रहेगा
मंदिर प्रशासन ने कहा है कि सुबह की पूजा-अर्चना पूर्व निर्धारित समय पर ही होगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु आरती में सहभागिता कर सकें। लेकिन आरती के बाद सामान्य दर्शन व्यवस्था रोक दी जाएगी। ग्रहण से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के चलते इस अवधि में न तो कतार प्रवेश होगा और न ही गर्भगृह क्षेत्र में दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
यह फैसला धार्मिक मर्यादा के पालन और ग्रहण काल में पूजा-मंत्र पाठ की निर्बाध व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। ट्रस्ट ने इसे एक दिन की विशेष व्यवस्था बताया है, स्थायी बदलाव नहीं।
प्रशासन और पुलिस को भेजी गई सूचना
दर्शन समय में बदलाव की औपचारिक सूचना जिला प्रशासन और पुलिस को भी दी गई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने अयोध्या के अपर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मंदिर के खुलने-बंद होने के संशोधित समय की जानकारी दी है। पत्र में मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने का भी अनुरोध किया गया है।
प्रशासनिक समन्वय का उद्देश्य यह है कि जो श्रद्धालु बदले हुए समय से अनजान हों, उन्हें प्रवेश बिंदुओं पर समय रहते जानकारी मिल सके और अनावश्यक भीड़ न बने।
दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालु क्या ध्यान रखें
अगर आप मंगलवार, 3 मार्च को रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाने वाले हैं, तो यात्रा समय सुबह की आरती के हिसाब से तय करना व्यावहारिक रहेगा। सुबह पूजा के बाद मंदिर बंद हो जाएगा और रात 8:30 बजे के बाद ही पुन: दर्शन शुरू होंगे।
ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल चंद्रग्रहण वाले दिन के लिए लागू रहेगी। अगले दिन से मंदिर की सामान्य दर्शन व्यवस्था पहले की तरह संचालित होगी।






