यूएई में फंसे मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद बनी है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट IX-256 को 28 फरवरी से लगातार रद्द किया जा रहा है और 3 मार्च को भी यह उड़ान संचालित नहीं हो सकी। इसका सीधा असर इंदौर, भोपाल और अन्य जिलों के उन यात्रियों पर पड़ा है जो वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
कई यात्रियों को नियोजित तारीख से ज्यादा दिन होटल में रुकना पड़ा है। इस बीच, कुछ लोगों ने मिसाइल अलर्ट के दौरान डर का माहौल भी देखा। यात्रा योजनाएं बदलने, टिकट दोबारा बुक करने और खर्च बढ़ने जैसी दिक्कतें भी सामने आई हैं।
दुबई से सीमित उड़ानें शुरू, सीधी इंदौर कनेक्टिविटी अब भी बंद
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक 2 मार्च की शाम से दुबई एयरपोर्ट से कुछ फ्लाइट्स फिर शुरू हुई हैं। अबूधाबी से भी दिल्ली और मुंबई के लिए उड़ानें चल रही हैं। इसी विकल्प के आधार पर दुबई में फंसे यात्रियों को पहले दिल्ली या मुंबई लाया जा सकता है और वहां से आगे कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर इंदौर भेजा जा सकता है।
हालांकि, शारजाह से इंदौर की सीधी उड़ान अभी भी बंद है। यही वजह है कि जिन यात्रियों की बुकिंग खास तौर पर शारजाह-इंदौर सेक्टर में थी, उन्हें तुरंत राहत नहीं मिल पा रही।
पूर्व विधायक समेत कई परिवार इंतजार में
दुबई में इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल सहित कई कारोबारी, परिवार और बच्चे फंसे हुए बताए गए हैं। उपलब्ध सीटों के आधार पर आज कुछ यात्रियों की वापसी संभव मानी जा रही है, लेकिन यह टिकट उपलब्धता पर निर्भर है।
मदद के लिए राजनीतिक स्तर पर संपर्क
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से बात की है। दूसरी ओर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फंसे यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए दखल देने की मांग की है। फिलहाल सरकार और एयरलाइन, दोनों स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और उड़ान संचालन की अगली अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।






