मध्यप्रदेश में सागर और देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों पर कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है और कई गंभीर आरोप लगा रही है। इस बीच, मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी देवास पहुंचे जहां उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।

बता दें कि जीतू पटवारी ने देवास पहुंचकर चंदाना में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सवाल उठाये हैं। इससे पहले उन्होंने प्रदेश में जहरीली शराब से लगातार हो रही मौतों के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। पटवारी ने पत्र के माध्यम से मामले में निष्पक्ष जांच कराने, शराब माफिया के नेटवर्क पर कार्रवाई करने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

जहरीली शराब कांड पर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा

जीतू पटवारी ने पत्र के माध्यम से सवाल उठाया कि सरकारी हत्याओं को छुपाने की सरकारी कोशिश क्यों हो रही हैं? उन्होंने कहा कि राज्य मध्य प्रदेश सरकार ने अब इसे अपनी स्थाई नीति बना लिया है कि “सरकारी अपराधों को छुपाने के लिए ‘सरकारी लीपापोती’ शुरु कर दी जाए, ताकि असल मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। ऐसे ही प्रयास देवास के जहरीली शराब कांड को लेकर भी तेजी से शुरु हो चुके हैं। मोहन सरकार फिर यह समझ रही है कि नई समस्याओं को लाकर वह अपने पुराने सरकारी अपराधों को छुपा लेगी।

पटवारी ने कहा, भाजपा देशभर में डबल इंजन सरकार का ढोल पीटती है। दावा किया जाता है कि केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने से विकास की रफ्तार बढ़ती है, प्रशासन मजबूत होता है और अपराधियों पर शिकंजा कसता है, लेकिन मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हो रही मौतें इस दावे की पोल खोल रही हैं।

जीतू पटवारी ने जहरीली शराब से मौतों के आंकड़े रखे

जीतू पटवारी ने अपने पत्र में कुछ आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने दावा करते हुये कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के दौरान जहरीली शराब की त्रासदियां लगातार सामने आती रही हैं। अक्टूबर 2020 में उज्जैन में 14 लोगों की मौत हुई। जनवरी 2021 में मुरैना में 24 लोगों की जान गई। मंदसौर में भी 2021 में जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया। सितंबर 2026 में सागर में जहरीली शराब से 30 लोगों की मौत हो गई। अब अक्टूबर में देवास के चंदाना और बिजाना गांवों में 20 से अधिक लोगों की मौत की खबर से प्रदेश स्तब्ध है।

पटवारी ने कहा कि इन घटनाओं के बीच एक सवाल लगातार खड़ा है क्या भाजपा सरकार की आबकारी नीति और प्रशासनिक व्यवस्था का काम केबल राजस्व जुटाना रह गया है? नागरिकों की जान की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता में आखिर किस स्थान पर है? क्यों मध्य प्रदेश लगातार ‘सरकारी हत्याओं की “राष्ट्रीय राजधानी बनता जा रहा है?

जीतू पटवारी ने रखीं ये मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष ने अमित शाह से पत्र के जरिये कहा कि इस मामले में अब बयान नहीं, जवाब चाहिये है। पटवारी ने शाह से मांग की है कि वे तत्काल प्रभाव से केंद्रीय स्तर पर हस्तक्षेप करें, क्योंकि राज्य का तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।

  • मध्य प्रदेश में भाजपा शासन में जहरीली शराब से अब तक हुई मौतों की जांच की जाए तथा जहां आवश्यक हो, कानून के अनुरुप स्वतंत्र जांच भी करवाई जाए।
  • अंतरराज्यीय शराब माफिया के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए संबंधित राज्यों की एजेंसियों के बीच समन्चित कार्रवाई हो।
  • सागर मामले में विभागीय आदेशों में बदलाव और निगरानी की विफलता सहित सभी प्रशासनिक चूकों की जांब कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
  • मध्य प्रदेश की आबकारी व्यवस्था का स्वतंत्र मूल्यांकन हो, ताकि अवैध शराब की आपूर्ति और चिक्री रोकने के लिए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
  • मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता, प्रभावित लोगों को समुचित उपचार और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाया जाए।