ग्वालियर सांदीपनी विद्यालय हादसा, सहायक यंत्री व उपयंत्री निलंबित, परियोजना यंत्री को कारण बताओ नोटिस 

प्रशासन का कहना है कि स्लैब कास्टिंग के दौरान विद्यालय की निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत गिरने की घटना हुई थी जिसमें कुछ मजदूर दबकर घायल हो गए थे।
Gwalior Sandipani School Incident Assistant Engineer Sub Engineer Suspend

Gwalior Sandipani School Incident Assistant Engineer Sub Engineer Suspend

ग्वालियर के पद्माराजे कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में निर्माणाधीन सांदीपनी विद्यालय की बिल्डिंग की छत गिरने की घटना पर शासन ने बड़ा एक्शन लिया है, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एमडी ने घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए सहायक यंत्री और उप यंत्री को निलंबित कर दिया है वहीं परियोजना यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

ग्वालियर में कल सोमवार को सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) की निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत गिरने के हादसे को शासन ने गंभीरता से लिया है, स्कूल बिल्डिंग की निर्माण एजेंसी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन यानि पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम ने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका सिंह से फोन पर हुई बात के बाद जाँच दल भेजने के निर्देश दिए थे।

असिस्टेंट इंजीनियर और सब इंजीनियर निलंबित  

आज मंगलवार को जांच दल ग्वालियर पहुंचा और उसने घटनास्थल का मौका मुआयना किया, जांच दल ने प्रथम दृष्टया सहायक यंत्री, उपयंत्री एवं कार्यपालन यंत्री की उदासीनता और लापरवाही घटना में पाई, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने एमडी को भेजी। एमडी अनंत कुमार सिंह ने इस सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण के पर्यवेक्षण का कार्य देख रहे सहायक यंत्री राजदीप सिंह जादौन व उपयंत्री सतेन्द्र पाण्डेय को निलंबित कर दिया।

परियोजना यंत्री को कारण बताओ नोटिस 

हादसे के लिए परियोजना यंत्री (कार्यपालन यंत्री) मनोज आचार्य के खिलाफ कार्रवाई के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एमडी अनंत कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चार मजदूर दबकर हुए थे घायल 

उल्लेखनीय है कि कल सोमवार को हुए हादसे में चार मजदूर दब गए थे हालाँकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी उन्हें उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था।  गनीमत ये रही कि बाल्मीकि जयंती के कारण स्कूल में छुट्टी थी इसलिए बच्चियां नहीं थी जो सामान्य तौर पर बिल्डिंग के आसपास रहती थी यदि ऐसा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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