ग्वालियर में सांदीपनी विद्यालय की निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत गिरी, चार मजदूर घायल, गुणवत्ता पर सवाल, जांच दल गठित

घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी भी पद्मा विद्यालय पहुंचे , मीडिया ने जब उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा नगर निगम से इस बिल्डिंग के निर्माण की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है।
Sandipani School under construction building roof collapses in Gwalior

Sandipani School under construction building roof collapses in Gwalior

ग्वालियर के ऐतिहासिक पद्माराजे कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में निर्माणाधीन सांदीपनी विद्यालय ( सीएम राइज स्कूल) की एक बिल्डिंग की छत अचानक भरभराकर गिर गई, हादसे के समय छत पर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे सभी नीचे आ गिरे, मलबे के नीचे कई दब गए जिन्हें बाहर निकाला गया, इनमें से 4 मजदूर ऐसे थे जिन्हें कुछ चोट आई थी उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है , सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा ,  बिल्डिंग पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन बना रहा है, घटना के बाद एमडी ने जांच दल गठित कर दिया है जो इस पूरे हादसे की रिपोर्ट बनाकर सौंपेगा।

ग्वालियर के कम्पू क्षेत्र में पद्माराजे कन्या उच्तर माध्यमिक विद्यालय है,सरकार के आदेश पर इसके परिसर में सांदीपनी विद्यालय का निर्माण हो रहा है, बिल्डिंग तैयार हो रही आज छत डालने का काम चल रहा था, मसाला डालने के लिए मजदूर वाइब्रेटर का इस्तेमाल कर रहे थे अचानक पूरी छत लोहे के जाल सहित भरभराकर नीचे आ गिरी, छत नीचे आते ही नीचे खड़े पिलर भी टूट गए और गिर गए, घटना के समय कई मजदूर काम कर रहे थे वे भी छत के साथ नीचे आ गिरे कई मलबे में दब गए।

चार मजदूर घायल, इलाज के अस्पताल में भर्ती  

हादसा होते ही चीखपुकार मच गई, आसपास से और मजदूर दौड़े तत्काल प्रशासन को सूचना दी गई, दबे मजदूरों को बाहर निकाला गया गनीमत रही कोई मजदूर गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। चार मजदूर ऐसे थे जिन्हें ज्यादा चोट आई थी उन्हें जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया जहाँ उनका इलाज किया गया शेष मजदूरों को कोई गंभीर  चोट नहीं आई उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।

पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एमडी ने जांच दल गठित किया 

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को समझा, घटना की जानकारी कलेक्टर रुचिका चौहान को दी गई उन्होंने पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनंत कुमार सिंह से  फोन पर चर्चा कर घटना की जांच कराने के लिये कहा। प्रबंध निदेशक ने चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर के नेतृत्व में तकनीकी दल तत्परता से भेजने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

बड़ा हादसा टला, बाल्मीकि जयंती के चलते थी छुट्टी 

इस हादसे में अच्छी बात ये रही कि इसमें किसी की जान नहीं गई, बता दें ग्वालियर में संचालित सरकारी कन्या विद्यालयों में ये सबसे बड़ा विद्यालय हैं यहाँ बड़ी संख्या में लड़कियां पढ़ती है, स्कूल परिसर में पद्माराजे कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अलावा भी कई अन्य शासकीय विद्यालय भी संचालित होते हैं लेकिन आज बाल्मीकि जयंती की छुट्टी होने से बच्चे नहीं थे वर्ना वे भी हादसे की चपेट में आ सकते थे और बड़ा हादसा हो सकता था जो छुट्टी के चलते टल गया।

निर्माण क्वालिटी को लेकर उठ रहे सवाल 

अब छत गिरने के बाद नीचे बिल्डिंग को सँभालने के लिए खड़े पिलरों का जो हाल हुआ है उसे देखकर निर्माण क्वालिटी को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, लोग सवाल कर रहे हैं कि जब निर्माणाधीन स्थिति में ही छत निर्माण सामग्री का वजन सहन नहीं कर  सकी तो बच्चों का वजन कैसे सहती, वहीं बिल्डिंग सम्भालने के लिए खड़े किये पिलर दोहरे हो गए तो समझा सकता है कि कैसी निर्माण सामग्री इस्तेमाल हो रही होगी, ये बिल्डिंग का वजन संभल पाते ? बहरहाल अब इसकी जाँच के बाद ही सब कुछ सामने आयेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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