पुष्पराज सिंह/सतना। जिले में खनन माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। खनन माफिया खुलेआम अवैध रेत का परिवहन कर रहे हैं। उचेहरा कस्बे के पास अबैध रेत का परिवहन कर रहे टैक्टर ट्राली को तहसीलदार ने जब्त कर लिया जिसके बाद खनन माफिया टैक्टर छुड़ाने पहुंचा और तहसीलदार और उनके नाजिर प्रहलाद वर्मा पर हमला कर दिया। हमले में प्रहलाद वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए वहीं तहसीलदार अभयराज को भी मामूली चोटें आई हैं। बताया जा रहा की हमलावार सुदीप तपसी जो सरकारी कर्मचारी है। करही कला में शिक्षा विभाग में लिपिक पद पर तैनात है। फिलहाल पुलिस आरोपी पर केस दर्ज कर जल्द से जस्द कार्रवाई की बात कर रही है….
तहसीलदार पर खनन माफिया का जानलेवा हमला
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






