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बाणसागर से छोड़ा जाएगा पानी, सोन नदी किनारे बसे गांवों के लिए अलर्ट जारी

Written by:Bhawna Choubey
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MP बाणसागर परियोजना से 2 जून सुबह 6 बजे से सोन नदी में पानी छोड़ा जाएगा। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच प्रशासन ने मैहर जिले समेत नदी किनारे बसे कई गांवों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों से नदी से दूरी बनाए रखने और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई है।
बाणसागर से छोड़ा जाएगा पानी, सोन नदी किनारे बसे गांवों के लिए अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में खरीफ सिंचाई सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बाणसागर परियोजना से जुड़ा एक अहम फैसला सामने आया है। परियोजना प्रबंधन ने 2 जून 2026 की सुबह 6 बजे से सोन नदी में पानी छोड़ने का निर्णय लिया है। इसके बाद नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। प्रशासन ने पहले से ही प्रभावित क्षेत्रों में सूचना जारी कर लोगों को सावधान रहने के निर्देश दिए हैं।

बाणसागर पक्का बांध संभाग क्रमांक-3 देवलोंद द्वारा जारी आदेश के मुताबिक प्रतिदिन करीब 2017 क्यूसेक यानी लगभग 4000 एकड़ फीट पानी सोन नदी में छोड़ा जाएगा। यह प्रक्रिया खरीफ सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने और आगामी कृषि कार्यों के लिए जल प्रबंधन के तहत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में नदी का बहाव तेज हो सकता है, इसलिए सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

बाणसागर परियोजना और खरीफ सिंचाई की तैयारी

बाणसागर परियोजना मध्य प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण जल संसाधन प्रोजेक्ट्स में गिनी जाती है। यह परियोजना सिंचाई, पेयजल और जल प्रबंधन के लिहाज से कई जिलों के लिए बेहद अहम भूमिका निभाती है। हर साल खरीफ सीजन से पहले जलाशय से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाता है ताकि नहरों और नदी तंत्र के माध्यम से खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पानी छोड़ने से किसानों को धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। हालांकि इसके साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को अक्सर जलस्तर बढ़ने की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से इस बार प्रशासन ने पहले ही गांव-गांव सूचना पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। स्थानीय अधिकारियों को भी निगरानी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सोन नदी किनारे बसे गांवों के लिए चेतावनी

पानी छोड़े जाने के बाद मैहर जिले के रामनगर ब्लॉक के कई गांवों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इनमें केथहा, सरिया, हरियरी, डड़िया, कुआं, राझुआ और पेपखरा समेत आसपास के गांव शामिल हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और बच्चों को भी जलधारा के पास न जाने दें।

अधिकारियों ने पशुपालकों को भी चेताया है कि वे अपने पशुओं को नदी किनारे चराने या बांधने से बचें। बारिश के मौसम के करीब पहुंचते समय नदी का बहाव अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा मछुआरों और नदी पार करने वाले लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि जल छोड़ने की पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम भी किए जाएंगे। फिलहाल लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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