सतना जिले में देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। अमरपाटन रोड स्थित विद्याश्री सॉल्वेंट प्लांट में अचानक बॉयलर फट गया। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। कुछ ही सेकंड में प्लांट के अंदर आग फैल गई और वहां काम कर रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।
इस हादसे में मशीन ऑपरेटर के तौर पर काम करने वाले 45 वर्षीय दिलावर सिंह उर्फ पिंकू तिघरा की जिंदा जलने से मौत हो गई। वहीं 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बॉयलर फटते ही आग की चपेट में आया पूरा प्लांट
जानकारी के मुताबिक हादसा देर रात हुआ, जब प्लांट में काम चल रहा था। अचानक बॉयलर में तेज धमाका हुआ और आग की लपटें तेजी से फैल गईं। वहां मौजूद कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि दिलावर सिंह मशीन के पास काम कर रहे थे। धमाके के बाद आग ने उन्हें पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि वे बाहर नहीं निकल सके और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में चीख-पुकार मच गई। कई कर्मचारी जान बचाकर बाहर भागे, जबकि कुछ मजदूर आग में झुलस गए।
5 मजदूर घायल, एक की हालत गंभीर
इस भीषण आगजनी में मन्नू केवट समेत कुल पांच मजदूर घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से एक मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
देर रात तक कुछ घायलों की पहचान नहीं हो सकी थी। हादसे के बाद कुछ समय तक एक कर्मचारी के लापता होने की भी जानकारी सामने आई थी, जिससे परिजनों में डर का माहौल बन गया।
घंटों चला राहत और बचाव कार्य
सॉल्वेंट प्लांट में लगी आग इतनी भयानक थी कि दमकल विभाग को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
किराए पर चल रहा था प्लांट
बताया जा रहा है कि यह सॉल्वेंट प्लांट शहर के कारोबारी सौरभ जैन की राइस मिल परिसर में संचालित हो रहा था। इसे बिहार के एक व्यापारी ने करीब 8 लाख रुपये प्रतिमाह किराए पर लिया हुआ था।
अब सवाल उठ रहे हैं कि प्लांट में सुरक्षा इंतजाम कितने मजबूत थे। क्या बॉयलर की नियमित जांच होती थी? क्या कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण मौजूद थे? इन सभी बिंदुओं पर प्रशासन जांच कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई फैक्ट्रियों में सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं होता। छोटे कर्मचारियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा के जोखिम भरे काम करने पड़ते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बॉयलर जैसे भारी उपकरणों की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी होती है। छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
परिवार में पसरा मातम
दिलावर सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं घायल मजदूरों के परिजन अस्पताल में लगातार उनके ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर बॉयलर फटना हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।






