मध्य प्रदेश के चित्रकूट में शुक्रवार रात बिजली व्यवस्था को लेकर हुआ विवाद अचानक सुर्खियों में आ गया। आंधी-तूफान के कारण पहले से प्रभावित बिजली व्यवस्था के बीच एक न्यायिक अधिकारी के आवास पर सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। इसी को लेकर ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने स्थानीय लोगों और बिजली विभाग दोनों को हैरान कर दिया। कुछ समय के लिए पूरे कस्बे की बिजली प्रभावित होने से लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पहले से बिजली सुधार कार्य चल रहा था। विभागीय टीम लगातार फॉल्ट खोजने और सप्लाई बहाल करने में जुटी हुई थी। अधिकांश इलाकों में बिजली वापस आ चुकी थी, लेकिन कुछ व्यक्तिगत शिकायतें अभी भी लंबित थीं। इसी दौरान मामला अचानक बढ़ गया और प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया।
आंधी-तूफान के बाद बिजली व्यवस्था हुई प्रभावित
चित्रकूट और आसपास के इलाकों में गुरुवार-शुक्रवार की रात आए तेज आंधी-तूफान ने बिजली नेटवर्क को काफी नुकसान पहुंचाया। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 33 केवी के दोनों प्रमुख फीडर प्रभावित हो गए थे, जिसके कारण कई क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बंद रही। जंगल वाले हिस्सों में फॉल्ट ढूंढना आसान नहीं था, इसलिए मेंटेनेंस टीम को घंटों पेट्रोलिंग करनी पड़ी।
शुक्रवार दोपहर तक मुख्य लाइन की मरम्मत कर सप्लाई बहाल कर दी गई थी। इसके बाद विभाग ने अधिकांश शिकायतों का समाधान भी कर दिया था। हालांकि कुछ घरों में लोकल फॉल्ट के कारण बिजली नहीं पहुंच सकी थी। विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों में तकनीकी टीम अलग-अलग स्थानों पर जाकर सुधार कार्य कर रही थी। इसी बीच न्यायिक अधिकारी के आवास पर बिजली बहाल नहीं होने से नाराजगी सामने आई। मामला इतना बढ़ गया कि स्थानीय सब स्टेशन पर तनावपूर्ण माहौल बन गया और कर्मचारियों को काम रोककर स्थिति संभालनी पड़ी।
पुलिस और बिजली अधिकारियों ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कनिष्ठ अभियंता और अन्य कर्मचारियों ने हालात सामान्य करने का प्रयास किया। वहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को भी बुलाना पड़ा। कुछ समय तक सब स्टेशन पर तनाव बना रहा, लेकिन बाद में बातचीत और तकनीकी सुधार कार्य के जरिए स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
बिजली विभाग का कहना है कि कर्मचारियों ने पूरी रात और दिनभर लगातार काम करके सप्लाई बहाल की थी। ऐसे में अचानक पैदा हुए विवाद ने कामकाज को प्रभावित किया। दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली न रहने के कारण पहले से ही परेशानी बढ़ी हुई थी। घटना के बाद पूरे कस्बे में इस मामले की चर्चा होती रही।
फिलहाल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहा है। यह मामला बिजली व्यवस्था, आपदा के बाद मरम्मत कार्य और प्रशासनिक समन्वय को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले पर विभागीय स्तर पर समीक्षा की संभावना भी जताई जा रही है।






