कमलनाथ ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी पर केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को कीमतें बढ़ाने के बजाय इन पदार्थों पर लग रही एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाना चाहिए, ताकि जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
कमलनाथ ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश की जनता पर महंगाई का बम फोड़ दिया है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के मूल्य बढ़ने से होने वाली महंगाई का विरोध करते हुए भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता प्रदेश की जनता पेट्रोल, डीजल और गैस की सबसे अधिक कीमत चुकाती है।
पेट्रोल डीलर की कीमतें बढ़ी
आज से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने करीब चार साल बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों के बीच यह फैसला लिया गया है। ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब मध्यप्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के नए रेट लागू हो गए हैं। बढ़े हुए दामों के बाद आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
मध्यप्रदेश में भी दिखा असर
ताजा दरों के अनुसार भोपाल में पेट्रोल की कीमत करीब 109.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.88 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं इंदौर में पेट्रोल लगभग 106.57 रुपये और डीजल करीब 91.97 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में भी ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ग्वालियर में पेट्रोल करीब 106.45 रुपये, जबलपुर में 107 रुपये से अधिक और उज्जैन में भी पेट्रोल 107 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है। कई जिलों में पेट्रोल की कीमत 108 रुपये प्रति लीटर तक दर्ज की गई है।
कमलनाथ ने सरकार से की ये मांग
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि सरकार को कीमतें बढ़ाने के बजाय इन पर लग रही एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाना चाहिए, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पूरे देश की जनता पर महंगाई का बम फोड़ दिया है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के मूल्य वृद्धि से उत्पन्न महंगाई का पुरजोर विरोध किया और इसे जनविरोधी नीति करार दिया।






