मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद मामले में आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया , अदालत ने लम्बी चली सुनवाई के बाद फैसला देते हुए भोजशाला को मंदिर घोषित कर दिया, कोर्ट ने ASI की 98 दिनों की वैज्ञानिक रिपोर्ट को मान्य किया जिसके अनुसार भोजशाला में हिंदू मंदिर के अवशेष मौजूद थे, अदालत ने हिंदू पक्ष के दावे को स्वीकार करते हुए भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में हिंदुओं को भोजशाला में नियमित पूजा करने की अनुमति दी है। हाई कोर्ट का यह फैसला वर्षों से चले आ रहे भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। यह निर्णय पांच याचिकाओं और तीन इंटरवेंशन याचिकाओं की लंबी सुनवाई के बाद आया है, कोर्ट ने 12 मई 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था और आज 15 मई 2026 को अपना फैसला सुना दिया।
हिन्दू पक्ष को मिला पूजा का अधिकार
भोजशाला मामले पर हिंदू पक्ष की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा इंदौर उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 7 अप्रैल 2003 के एएसआई के आदेश को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। न्यायालय ने हिंदू पक्ष को पूजा करने का अधिकार दिया है और भोजशाला परिसर को राजा भोज की संपत्ति के रूप में मान्यता दी है। वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर माना है, सरस्वती स्कूल माना है।
मुस्लिम पक्ष सरकार से कर सकता है जमीन के लिए मांग
लंदन के एक संग्रहालय में रखी हमारी मूर्ति को वापस लाने की मांग के संबंध में न्यायालय ने सरकार को इस अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया है, न्यायालय ने यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष भी सरकार के समक्ष अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र है। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने सरकार से मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक भूमि आवंटित करने पर विचार करने को कहा है।
नमाज की अनुमति का आदेश ख़ारिज : एडवोकेट विष्णु शंकर जैन
न्यायालय ने हमें पूजा-पाठ करने का अधिकार प्रदान किया है और सरकार को स्थल के प्रबंधन की निगरानी करने का निर्देश दिया है। एएसआई का पिछला आदेश जिसमें नमाज़ अदा करने का अधिकार दिया गया था, पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है; अब से, वहां केवल हिंदू पूजा ही होगी।
फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा मुस्लिम पक्ष
धार भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले पर धार के शहर काज़ी वकार सादिक ने कहा हम अपने खिलाफ दिए गए फैसले की समीक्षा करेंगे। हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। वहीं मुस्लिम पक्ष के वकील के वकील अशहर वारसी ने कहा हाई कोर्ट ने एएसआई की रिपोर्ट को पूरा सच मानते हुए उसके आधार पर फैसला लिया है अब हम फैसला आने के बाद निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
ये सत्य और सनातन की जीत : भाजपा विधायक
हाई कोर्ट के फैसले पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने ख़ुशी जताई है उन्होंने कहा सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता यह आज फिर से एक बार साबित हुआ है, सनातन हिंदू धर्म पर लगातार आक्रमण हुए, मुगलों ने मंदिरों पर आक्रमण किए, मंदिर तोड़े गए, वेद पुराण जलाए गए, लाखों हिंदुओं का रक्त बहाया गया लेकिन अपने धर्म के लिए, अपने हिंदुस्तान के लिए, अपनी संस्कृति के लिए हिंदू फिर भी लड़ता रहा।
रामेश्वर शर्मा ने मुसलमानों से की ये अपील
भाजपा विधायक ने कहा धार भोजशाला के लिए भी सनातनियों ने लंबी लड़ाई लड़ी है। न्यायालय पर हमारा विश्वास बना रहा कि यहां सत्य जीतेगा और आज इसी सत्य की जीत हुई है। मैं सनातन के लिए लड़ने वाले करोड़ बलिदानी हिंदुओं को नमन करता हूँ। यह सनातन की जीत है। उन्होंने कहा हम उम्मीद करते हैं कि मुसलमान भी सत्य को स्वीकार करेंगे और जहां-जहां हिंदुओं के स्मृति चिन्ह है, जिन-जिन मंदिरों को मुगल लुटेरों ने तोड़ा है उनको वापस करके हिंदुओं की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे।
धार जिले में धारा 163 लागू, सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
उल्लेखनीय है कि बता दें कि आज आने वाले फैसले के मद्देनजर धार जिला प्रशासन ने पहले ही जिले में धारा 163 लागू कर दी थी। 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई और किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन और जुलूस पर भी रोक लगाई गई है। मध्य प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के भड़काऊ कमेंट डालने वालों की सख्त मॉनिटरिंग कर रही है।
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