कमलनाथ ने मध्यप्रदेश सरकार पर “नारियल फोड़ने की राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वो इस स्तर पर पहुँच गई है कि देश के राष्ट्रपति के मान-सम्मान का भी कोई ख्याल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने भोपाल में दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं “रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिजीज” और “सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन ऑर्थोपेडिक” के रुके होने पर सवाल उठाए जिनका वर्चुअल भूमिपूजन तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ये दोनों हेल्थ प्रोजेक्ट नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण पिछले तीन साल से लटके हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब मध्यप्रदेश सरकार ने परियोजना के लिए एनओसी ही नहीं मिली थी तो तत्कालीन राष्ट्रपति से इसका भूमि पूजन क्यों कराया गया। इसी के साथ उन्होंने इन प्रोजेक्ट्स को जल्द शुरु करने की मांग की है।
कमलनाथ ने मध्यप्रदेश सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा है कि 28 मई 2022 को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ईदगाह हिल्स पर 150 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले दो महत्वपूर्ण मेगा प्रोजेक्ट रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिजीज और सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन ऑर्थोपेडिक का वर्चुअल भूमिपूजन किया था।
अब तक शुरु नहीं हुआ काम
उन्होंने कहा कि तीन साल बाद भी इन दोनों परियोजनाओं पर काम शुरु नहीं हुआ है क्योंकि इन्हें अभी तक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नही मिला है। बताया जा रहा है कि ईदगाह हिल्स पर जिस जगह ये सेंटर बनना थे, वहां एयरपोर्ट अथॉरिटी और सेना से एनओसी नहीं ली गई थी। आर्मी और एयरपोर्ट अथॉरिटी की आपत्तियां आने के बाद दोनों ठेकेदार बिना काम शुरू किए ही चले गए।
सरकार से की मांग
कमलनाथ ने सवाल किया है कि कि जब मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए एनओसी ही नहीं ली थी तो राष्ट्रपति से भूमिपूजन क्यों कराया गया। उन्होंने इसे “गंभीर लापरवाही” और राष्ट्रपति के सम्मान की अवहेलना बताई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजनीति इस स्तर पर पहुंच गई है कि देश के राष्ट्रपति के मान-सम्मान का भी कोई ख्याल नहीं किया जा रहा है। पूर्व सीएम ने सरकार से मांग की है कि दोनों परियोजनाओं के लिए सभी कानूनी बाधाओं को जल्द दूर किया जाए और निर्माण कार्य शुरू किया जाए ताकि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
मध्य प्रदेश में भाजपा की नारियल फोड़ने की राजनीति इस स्तर पर पहुँच गई है कि देश के राष्ट्रपति के मान-सम्मान का भी कोई ख्याल नहीं किया जा रहा।
28 मई 2022 को लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने ईदगाह हिल्स पर 150 करोड़ रुपए की लागत… pic.twitter.com/KiABpmpZxR
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) September 30, 2025





