प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कमलनाथ ने सरकार को घेरा, प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनांतर्गत भोपाल में करोड़ों के प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। जिन्हें चार साल पहले फ्लैट मिल जाने चाहिए थे, वे अब तक इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर तरफ़ से आ रही प्रशासनिक लापरवाही की खबरें पढ़कर ऐसा लगता है, जैसे प्रदेश में कोई शासन व्यवस्था बची ही न हो।
Madhya Pradesh Farmers

Kamal Nath

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार को प्रशासनिक विफलताओं के मुद्दे पर घेरा है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की लचर प्रशासनिक व्यवस्था ने गरीबों को घर देने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना को भी बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है।

उन्होंने कहा कि ‘जब प्रधानमंत्री आवास जैसी बहुप्रचारित परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश का यह हाल है तो समझा जा सकता है, गरीबों को मदद पहुँचाने की अन्य योजनाओं पर मध्य प्रदेश किस तरह कछुआ चाल से चल रहा होगा।’

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कमलनाथ ने सरकार को घेरा

कमलनाथ ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा कि राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 139 करोड़ रुपये की लागत से दो परियोजनाएं शुरू की गई थीं।अब तक इन पर 170 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं फिर भी लगभग 40 फीसदी काम अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि इन मकानों के लिए जिन लाभार्थियों ने आवेदन किया था उन्होंने लोन लेकर अपनी राशि जमा की थी  लेकिन जिन्हें 2020 में फ्लैट मिलने चाहिए थे उन्हें अब तक घर घर नसीब नहीं हुए हैं।

प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया

कांग्रेस नेता ने कहा है कि इन हितग्राहियों को को लगातार लोन की किस्तें चुकानी पड़ रही हैं..जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। लगातार प्रशासनिक लापरवाही की खबरें पढ़कर ऐसा लगता है, जैसे प्रदेश में कोई शासन व्यवस्था बची ही ना हो। कमलनाथ ने कहा कि जब प्रधानमंत्री आवास जैसी बहुप्रचारित योजना का यह हाल है तो कल्पना कीजिए कि अन्य योजनाओं की जमीनी स्थिति क्या होगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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