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कमलनाथ ने लगाया भीषण गर्मी में गोवंश की बदहाली का आरोप, MP सरकार से भोजन-पानी और अस्थायी गोशालाएं बनाने की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
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पूर्व मुख्यमंत्री ने इस झुलसाने वाली गर्मी के मौसम में राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कई गोशालाओं में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं और गर्मी से बचाव के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
कमलनाथ ने लगाया भीषण गर्मी में गोवंश की बदहाली का आरोप, MP सरकार से भोजन-पानी और अस्थायी गोशालाएं बनाने की मांग

Kamal Nath

मध्यप्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर गोमाता की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस तेज गर्मी से इंसान ही नहीं बल्कि पूरा प्राणी जगत प्रभावित हो रहा है और गोवंश भी इस संकट से जूझ रहा है।

उन्होंने कहा कि गाय के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार वास्तविकता में गोसेवा के लिए कोई ठोस काम नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई गोशालाएं नाममात्र के लिए संचालित हो रही हैं और भीषण गर्मी के बावजूद वहां गायों के पीने के पानी तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

कमलनाथ ने गोमाता की अनदेखी का आरोप लगाया

कमलनाथ ने इस चिलचिलाती गर्मी के बीच गोवंश की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोशालाओं में मूलभूत सुविधाओं की कमी है और सरकार को तुरंत गायों के लिए पानी, भूसा तथा अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान सड़कों पर भटकते गोवंश की तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर गायों को पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जबकि तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।

भोजन पानी और अस्थायी गोशालाएं बनाने की मांग 

पूर्व सीएम ने कहा कि चिलचिलाती धूप में बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर भटकने को मजबूर है, जिससे उनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कमलनाथ ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में 1000 गोशालाओं के निर्माण की शुरुआत कराई थी और गायों के दैनिक आहार के लिए दी जाने वाली राशि में भी बढ़ोतरी की गई थी।  पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रदेशभर की गोशालाओं में गायों के लिए पानी और भूसे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए गोशालाओं को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और आवश्यकता पड़ने पर नई अस्थायी गोशालाओं का निर्माण किया जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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