बिहार के सहरसा जिले में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब महिषी प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय बलुआहा में मिड-डे मील का भोजन करने के बाद एक एक कर 250 से अधिक बच्चे अचानक पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत के साथ बीमार पड़ने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर में गंभीर अफरातफरी का माहौल बन गया और बच्चों की बिगड़ती तबीयत देख स्कूल प्रबंधन ने तत्काल सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए महिषी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने और अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य केंद्र में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जहाँ बच्चों के अभिभावकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। डॉक्टर्स की एक टीम बिना किसी देरी के लगातार बच्चों की जांच और उपचार में जुट गई।
घटना के संबंध में पांचवीं कक्षा के छात्र रोहित कुमार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल में भोजन में चावल-दाल दिया गया था। जैसे ही उन्होंने और अन्य बच्चों ने यह भोजन किया, उसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत खराब होने लगी। रोहित ने बताया कि उनके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और उन्हें उल्टी के साथ चक्कर भी आने लगे। वहीं, सातवीं कक्षा की छात्रा शिवानी ने भी बताया कि भोजन करने के तुरंत बाद ही एक-एक कर कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी थी, जिससे स्कूल में मौजूद सभी बच्चे और शिक्षक घबरा गए। बच्चों की अचानक बिगड़ती हालत ने सभी को चिंता में डाल दिया था।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट
इस बड़ी घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया। सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद तत्काल स्वास्थ्य अधिकारियों की अपनी टीम के साथ महिषी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बीमार बच्चों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी बीमार बच्चों का तुरंत उपचार शुरू कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और एहतियात के तौर पर जिन बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब थी, उन्हें बेहतर उपचार के लिए सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों का उपचार जारी है और डॉक्टर्स की निगरानी में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है।
घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद स्कूली बच्चों के अभिभावकों में प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ काफी आक्रोश देखा जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि मिड-डे मील की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिसके चलते ऐसी घटनाएं होती हैं। जिला प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि मिड-डे मील के भोजन के नमूने घटनास्थल से इकट्ठा कर लिए गए हैं और उन्हें विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोजन में क्या गड़बड़ी थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





