बिहार में जनकल्याण और विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न हुई कैबिनेट की तीसरी बैठक में 20 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों में सीतामढ़ी स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नामकरण माता-सीता के नाम पर करना और राज्य में 400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन को मंजूरी देना प्रमुख है, जो प्रदेश के शहरी परिवहन और धार्मिक आस्था दोनों को नई दिशा देंगे।
दरअसल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई इस बैठक में सीतामढ़ी के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम बदलकर ‘माता-सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल’ करने का निर्णय लिया गया। यह फैसला सीतामढ़ी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा और क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा।
अर्बन ट्रांसपोर्टेशन प्रोग्राम के लिए राशि स्वीकृति मिली
राज्य के चयनित शहरी केंद्रों को आर्थिक रूप से सशक्त और उत्पादक बनाने के साथ-साथ एकीकृत शहरी आर्थिक क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर की सहायता लेगी। इस राशि का उपयोग बिहार अर्बन ट्रांसपोर्टेशन प्रोग्राम के क्रियान्वयन में किया जाएगा, जिसकी स्वीकृति कैबिनेट ने प्रदान की है। यह शहरी अधोसंरचना के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और शहरों की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा।
उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बिहार सरकार ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज को जून 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम राज्य में नए निवेश को आकर्षित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में सहायक होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन को मंजूरी
परिवहन क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया जैसे प्रमुख शहरों में 400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन को मंजूरी दी गई है। यह पहल न केवल प्रदूषण कम करेगी बल्कि शहरी यातायात को सुगम बनाने में भी मदद करेगी। इसके अतिरिक्त, पटना एयरपोर्ट कैंपस से सटे पटना शहरी क्षेत्र अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र (वियाडा) की 1.85 एकड़ भूमि को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को देने का निर्णय लिया गया है। इस भूमि का उपयोग एयरपोर्ट के आधारभूत संरचना एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा, जिससे हवाईअड्डे की क्षमता में विस्तार होगा और हवाई यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
6 नई मोटर वाहनों की खरीद को स्वीकृति मिली
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए राज्यपाल एवं राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारियों के उपयोग हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में 6 नई मोटर वाहनों की खरीद को स्वीकृति मिली है। वहीं, राज्य में बढ़ते मुकदमों के त्वरित निपटान हेतु दरभंगा के बेनीपुर न्यायालय में 18 विभिन्न पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने सरकारी सेवक एवं पेंशनधारियों को बैंक और वित्तीय संस्थानों से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण फैसले को भी हरी झंडी दी है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना
शिक्षा के क्षेत्र में, अरवल और शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है, जिससे इन क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर शैक्षिक अवसर मिलेंगे। तकनीकी उन्नति को अपनाते हुए, बिहार राज्य विधान मंडल के दोनों सदनों के सदस्यों, राज्य सरकार के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना को भी स्वीकृति मिली है। साथ ही, नगर पालिका चुनाव में AI वोटिंग सिस्टम का उपयोग करने के लिए हैदराबाद की एक एजेंसी को काम करने की अनुमति दी गई है, जो चुनावी प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक एवं पारदर्शी बनाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में कटाव की समस्या से निपटने के लिए भोजपुर के शाहपुर प्रखंड के गंगा नदी के तट पर गंगापुर, भूसौलानंदपुर, दामोदरपुर को कटाव से बचाने हेतु 52 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी मिली है। यह परियोजना लाखों लोगों को कटाव के खतरे से बचाएगी और कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा, सप्तम राज्य वित्त आयोग के कार्यकाल को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है, जिससे वित्तीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।






