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बिहार की जमीनी हकीकत समझने निकले निशांत कुमार, ‘सद्भाव यात्रा’ का किया आगाज, बताया यात्रा को निकालने का उद्देश्य

Written by:Gaurav Sharma
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने पटना से 'सद्भाव यात्रा' का आगाज किया, जिसका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना और जनसंपर्क बढ़ाना है। निशांत कुमार की इस यात्रा को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी प्रसन्नता और उम्मीदें व्यक्त कीं।
बिहार की जमीनी हकीकत समझने निकले निशांत कुमार, ‘सद्भाव यात्रा’ का किया आगाज, बताया यात्रा को निकालने का उद्देश्य

बिहार की राजनीतिक गलियारों में एक नई हलचल और ऊर्जा का संचार करते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र एवं जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के युवा नेता निशांत कुमार ने अपनी बहुप्रतीक्षित ‘सद्भाव यात्रा’ का शंखनाद किया। पटना स्थित पार्टी कार्यालय से इस यात्रा का भव्य आगाज हुआ, जहां पार्टी के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक विशाल हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर जनसंपर्क का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने प्रदेशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार किया।

मीडिया से मुखातिब होते हुए, निशांत कुमार ने अपनी यात्रा का मूल उद्देश्य स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इस व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना है। इसके साथ ही, समाज के विभिन्न समुदायों और वर्गों के लोगों के साथ सीधे तौर पर जुड़कर उनकी चिंताओं को समझना और उनका समाधान प्रस्तुत करना है।

निशांत कुमार ने ‘सद्भाव यात्रा’ के बारे में विस्तार से बताया

उन्होंने अपनी यात्रा को ‘सद्भाव यात्रा’ का नाम दिए जाने का कारण भी विस्तार से समझाया। निशांत कुमार ने कहा, “हमारी इस यात्रा का अर्थ है- समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना, चाहे वे अमीर हों या गरीब, दलित हों या अति-पिछड़ा, या अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखते हों। हमारा प्रयास है कि हम सभी को एक सूत्र में पिरोकर आगे बढ़ें।” उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अपना पहला सत्याग्रह चंपारण की पावन धरती से आरंभ किया था। ठीक उसी तरह, मेरे पिता नीतीश कुमार ने भी अपनी सभी प्रमुख यात्राओं का शुभारंभ चंपारण से ही किया है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए, मैं भी अपनी इस यात्रा का श्रीगणेश वहीं से कर रहा हूं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस यात्रा का मकसद केवल कार्यकर्ताओं से मिलना नहीं है, बल्कि उनके विचारों को ध्यानपूर्वक सुनना और संगठन में एक नई ऊर्जा का संचार करना भी है, ताकि पार्टी और मजबूत होकर जनता की सेवा कर सके।

‘सद्भाव यात्रा’ को लेकर जेडीयू नेताओं की प्रतिक्रियाएं

निशांत कुमार की इस महती यात्रा को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी प्रसन्नता और उम्मीदें व्यक्त कीं। बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के कद्दावर नेता श्रवण कुमार ने कहा कि यह यात्रा निशांत कुमार को जमीनी हकीकत को गहराई से समझने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि निशांत कुमार के सुझाव और अनुभव सरकार को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जिससे जनहित के कार्य बेहतर ढंग से संपादित हो सकेंगे।

पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता राजीव रंजन ने निशांत कुमार से अपार उम्मीदें जताईं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को निशांत कुमार से बहुत आशाएं हैं और वे पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों तथा सरकार की उपलब्धियों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राजीव रंजन ने यह भी रेखांकित किया कि पार्टी कार्यकर्ता भी निशांत कुमार की सक्रियता से अत्यधिक उत्साहित हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी एक नई ऊंचाई पर पहुंचेगी।

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता में भी निशांत कुमार की यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है। विजय चौधरी ने दावा किया कि निशांत कुमार का यह दौरा निश्चित रूप से सफल होगा, क्योंकि लोग चाहते हैं कि वे और अधिक सक्रिय होकर जनता के बीच जाएं और उनकी समस्याओं को समझें।

उमेश कुशवाहा ने बताए ‘सद्भाव यात्रा’ के प्रमुख उद्देश्य

इससे पहले, जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने ‘सद्भाव यात्रा’ के व्यापक उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का प्राथमिक लक्ष्य जमीनी स्तर पर लोगों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना और उनकी चिंताओं तथा अपेक्षाओं का समाधान प्रस्तुत करना है। कुशवाहा ने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर दिया कि जिस प्रकार हमारे सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार पूरे बिहार राज्य को अपना परिवार मानते थे, ठीक उसी भावना और समर्पण के साथ निशांत कुमार भी राज्य के कोने-कोने की यात्रा करेंगे। यह यात्रा कई चरणों में संपन्न होगी। इसका पहला चरण 3 और 4 मई को बाघा से शुरू हुआ था, जबकि दूसरा महत्वपूर्ण चरण वैशाली के ऐतिहासिक क्षेत्र से आरंभ होगा, जो बिहार के समृद्ध इतिहास और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। निशांत कुमार की यह पहल निश्चित रूप से बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखेगी और पार्टी को नई दिशा प्रदान करेगी।

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